खरीफ अभियान-2022 के लिए राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन का आयोजन

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त्मनिर्भर भारत, उन्नत कृषि और समृद्ध किसान के लिए समर्पित हों- श्री तोमर

19 अप्रैल 2022, नई दिल्ली । खरीफ अभियान-2022 के लिए राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन का आयोजन खरीफ अभियान-2022 के लिए राष्ट्री्य कृषि सम्मेलन आज केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री नरेंद्र सिंह तोमर के मुख्य आतिथ्य में हुआ। इस अवसर पर श्री तोमर ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत, उन्नत कृषि और समृद्ध किसान, इस उद्देश्य के लिए हम सब समर्पित हों । उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के साथ ही सभी राज्य सरकारें कृषि के क्षेत्र में बेहतर कार्य करते हुए किसानों की माली हालत सुधारने की दृष्टि से जिम्मेदारी के साथ काम कर रही है, इसी का परिणाम है कि खाद्यान्न व बागवानी व अन्य कृषि उत्पादों के लिहाज से देश काफी अच्छी स्थिति में है। इसके लिए उन्होंने किसानों के परिश्रम, वैज्ञानिकों के योगदान तथा सरकारी नीतियों की सराहना की।

मुख्य अतिथि श्री तोमर ने राज्य सरकारों से कहा कि वे बीज व खाद सुलभता से मुहैया कराए जाने के लिए राज्य व केंद्र के संस्थानों के साथ मिलकर संयुक्त रणनीति बनाएं। सरकारें किसानों के प्रति जवाबदेह है, जिससे उनकी कोशिश यह रहना चाहिए कि किसानों की लागत में ज्यादा से ज्यादा कमी आएं। बीजों को लेकर बहुत गंभीरता से मैकेनिज्म बनाकर उत्पादन करते हुए बीज बाजार को दिशा देने व दाम संतुलित करने की कोशिश होना चाहिए। बीजों व कीटनाशकों की गुणवत्ता बेहतर होने और किसानों के ठगे नहीं जाने को लेकर भी राज्यों की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि किसानों व खेती को मदद को लेकर केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता है, इसलिए सब्सिडी भी दी जा रही है, लेकिन संतुलित उपयोग एवं वैकल्पिक उपायों को भी अपनाने के लिए किसानों को जागरूक किया जाना चाहिए। इस संबंध में ठोस रणनीति बनाकर समुचित प्रबंधन करने की जवाबदारी राज्य सरकारों की है।

श्री तोमर ने कहा कि जैविक व प्राकृतिक खेती पर केंद्र सरकार का जोर है और संतोष की बात है कि राज्य सरकारें इस दिशा में काम कर रही है। पिछले दिनों प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने प्राकृतिक खेती पर काफी बल देते हुए आणंद (गुजरात) में राष्ट्रीय सम्मेलन किया और देशभर के किसानों को इससे जोड़ा, जहां राज्यपाल श्री आचार्य देवव्रत ने अपना चिंतन सबके सामने रखा। श्री तोमर ने किसानों से प्राकृतिक खेती पद्धति को अपनाने की अपील की, जिस पर सरकार मिशन मोड में काम शुरू कर रही है। उन्होंने आत्मनिर्भर व सशक्त भारत के निर्माण की दिशा में तिलहन व दलहन का रकबा एवं उत्पादन और ज्यादा बढ़ाकर गैप खत्म करने का आव्हान किया। सूरजमुखी का रकबा व उत्पादन बढ़ाने के प्रति भी सरकार गंभीर है, जिसके लिए सभी राज्य सरकारों के साथ पिछले दिनों एक उच्चस्तरीय बैठक में श्री तोमर ने कृषि सचिव सहित विस्तृत चर्चा की है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कोविड की प्रतिकूलता के बावजूद सरकार ने समय-समय पर किसानों के हित में निर्णय किए, जिससे पैदावार व खरीद पर विपरीत प्रभाव नहीं पड़ा, बल्कि बंपर पैदावार व खरीद हुई। आगे भी किसी भी स्थिति में कृषि क्षेत्र अपनी मजबूती से डटा रहेगा। आज हमारे कृषि उत्पादों का दुनिया के बाजारों में स्थान बना है। हम इस परिस्थिति में भी लगभग चार लाख करोड़ रुपये के कृषि उत्पाद निर्यात कर चुके हैं। अब कोशिश यह रहना चाहिए कि ये निर्यात और कैसे बढ़े, जिसके लिए प्रक्रिया सरल करने के साथ ही उत्पादों की गुणवत्ता भी अच्छी होना चाहिए। यह तभी होगा, जब किसान के पास टेक्नालाजी होगी, ज्ञान होगा, अच्छा बीज होगा। यह भी सुनिश्चित करना होगा कि निर्यात बढ़ने का फायदा अंततः किसानों को होना चाहिए।  

केंद्रीय कृषि सचिव श्री मनोज अहूजा ने कहा कि इस बार सामान्य मानसून की संभावना के कारण कृषि क्षेत्र की स्थिति अच्छी रहेगी। पिछले दो साल में भी कोविड के बावजूद कृषि क्षेत्र की ग्रोथ हुई है। उन्होंने राज्यों से फसल विविधीकरण को अपनाते हुए दलहन-तिलहन उत्पादन बढ़ाने पर जोर देने का अनुरोध किया। वहीं  केंद्रीय उर्वरक सचिव श्री राजेश कुमार चतुर्वेदी ने खरीफ सीजन के दौरान देश में खाद की उपलब्धता के संबंध में जानकारी देते हुए राज्यों से प्रतिदिन समीक्षा कर माइक्रो प्लानिंग करने का अनुरोध किया। केंद्रीय कृषि आयुक्त डा. ए.के. सिंह ने प्रेजेन्टेशन में कृषि उत्पादन की उपलब्धियां बताते हुए जानकारी दी कि खाद्यान्न उत्पादन रेकार्ड 316 मिलियन टन होने का अनुमान है, वहीं बागवानी उत्पादन रेकार्ड 331 मिलियन टन होने का अनुमान है। पिछले पांच-छह साल में दलहन व तिलहन का उत्पादन काफी बढ़ा है और आयात घटा है लेकिन इस क्षेत्र में अभी काफी काम करने की जरूरत है। सम्मेलन में कृषि मंत्रालय व केंद्र सरकार के अन्य मंत्रालयों के अधिकारी, राज्यों के कृषि उत्पादन आयुक्त ,प्रमुख सचिव, केंद्रीय व राज्य संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। संयुक्त सचिव श्री अश्विनी कुमार ने स्वागत भाषण दिया। अतिरिक्त सचिव श्री प्रशांत कुमार स्वाईं ने आभार माना।

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