राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)एग्रीकल्चर मशीन (Agriculture Machinery)

भारत में दूसरा मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाने की तैयारी में न्यू हॉलैंड ट्रैक्टर्स, बढ़ेगी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता

11 सितम्बर 2025, नई दिल्ली: भारत में दूसरा मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाने की तैयारी में न्यू हॉलैंड ट्रैक्टर्स, बढ़ेगी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता – इटैलियन-अमेरिकन कृषि और निर्माण उपकरण निर्माता कंपनी सीएनएच इंडस्ट्रियल, जो भारत में न्यू हॉलैंड ट्रैक्टर्स के नाम से जानी जाती है, अब देश में अपना दूसरा मैन्युफैक्चरिंग प्लांट स्थापित करने की तैयारी में है। कंपनी के वैश्विक सीईओ गीट मार्क्स ने जानकारी दी कि यह नया प्लांट मौजूदा ग्रेटर नोएडा यूनिट से कहीं बड़ा होगा। कंपनी का लक्ष्य है कि वह आने वाले पांच वर्षों में भारतीय बाजार में अपनी हिस्सेदारी को दोगुना करे।

सीएनएच इंडस्ट्रियल का कुल वैश्विक राजस्व 19.8 बिलियन डॉलर है और यह कंपनी ‘CASE’ ब्रांड के निर्माण उपकरणों और ‘CASE IH’ ब्रांड की गन्ना हार्वेस्टिंग मशीनों के लिए भी जानी जाती है। भारत में कृषि उपकरण और ट्रैक्टर्स के बढ़ते बाजार को देखते हुए कंपनी अब यहां अपनी उपस्थिति को और मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ा रही है।

नए प्लांट के लिए बड़े भू-क्षेत्र की तलाश में कंपनी

फिलहाल कंपनी का मौजूदा मैन्युफैक्चरिंग प्लांट उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में स्थित है, जो लगभग 60 एकड़ में फैला हुआ है। यहां सालाना 60,000 ट्रैक्टर्स बनाने की क्षमता है, जिसे जरूरत पड़ने पर 70,000 यूनिट्स तक बढ़ाया जा सकता है। 2024 में इसी प्लांट से कंपनी ने लगभग 51,000 ट्रैक्टर्स का निर्माण किया, जिनमें से 37,000 ट्रैक्टर्स घरेलू बाजार में बेचे गए और शेष 14,000 यूनिट्स को अमेरिका, यूरोप और अन्य अंतरराष्ट्रीय बाजारों में निर्यात किया गया।

गीट मार्क्स ने कहा कि कंपनी अब ऐसे स्थान की तलाश कर रही है, जहां बड़े पैमाने पर भूमि उपलब्ध हो ताकि वहां एक बड़ा और आधुनिक प्लांट स्थापित किया जा सके। उनका कहना था कि भारत में न्यू हॉलैंड की बाजार हिस्सेदारी अभी काफी सीमित है, जबकि देश में हर साल करीब 9 लाख ट्रैक्टर्स बिकते हैं।

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‘मेड-इन-इंडिया’ कॉम्पैक्ट ट्रैक्टर का अनावरण

सीएनएच ने हाल ही में अपने ग्रेटर नोएडा प्लांट से 35-55 हॉर्सपावर रेंज वाले अपने पहले कॉम्पैक्ट फोर-व्हील ड्राइव ट्रैक्टर का अनावरण किया है। यह ट्रैक्टर पूरी तरह से भारत में निर्मित है और इसे विशेष रूप से यूरोपीय और उत्तरी अमेरिकी बाजारों में निर्यात करने के लिए तैयार किया गया है। कंपनी का उद्देश्य है कि भारत को न केवल घरेलू जरूरतों के लिए, बल्कि वैश्विक निर्यात हब के रूप में भी स्थापित किया जाए।

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मार्क्स ने कहा कि अभी कंपनी की गन्ना कटाई मशीनों और छोटे स्क्वायर बेलर बाजार में 60% हिस्सेदारी है, और इसी तरह कंपनी 2030 तक अपने ट्रैक्टर मार्केट शेयर को दोहरे अंक में ले जाने की दिशा में काम कर रही है।

भारत बनेगा इनोवेशन और सप्लाई चेन का हब

कंपनी का मानना है कि भारत को पहले सिर्फ एशिया-प्रशांत क्षेत्र का हिस्सा मानकर चलाया जाता था, लेकिन अब देश को एक प्राथमिक बाजार और वैश्विक विनिर्माण केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। भारत का सशक्त आपूर्तिकर्ता नेटवर्क, लागत की प्रतिस्पर्धा, और कुशल श्रमिक बल कंपनी के लिए दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा बनते जा रहे हैं।

वर्तमान में सीएनएच का भारतीय कारोबार 65 प्रतिशत कृषि उपकरणों से, 32 प्रतिशत निर्माण उपकरणों से, और शेष 3 प्रतिशत वित्तीय सेवाओं से आता है। ग्रेटर नोएडा के ट्रैक्टर प्लांट के अतिरिक्त, कंपनी के पास पुणे में एक कंबाइन हार्वेस्टर यूनिट, पीथमपुर (मध्य प्रदेश) में बैकहो लोडर यूनिट, और गुरुग्राम में एक टेक्नोलॉजी व प्रोडक्ट डेवलपमेंट सेंटर भी है।

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