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राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

किसानों को मौसम की मार से बचाएगा राष्ट्रीय सतत कृषि मिशन, लोकसभा में पेश हुआ प्लान

23 जुलाई 2025, नई दिल्ली: किसानों को मौसम की मार से बचाएगा राष्ट्रीय सतत कृषि मिशन, लोकसभा में पेश हुआ प्लान – केंद्र सरकार ने लोकसभा में बताया कि जलवायु परिवर्तन से खेती पर बढ़ते खतरे को देखते हुए सरकार ने सतत कृषि को बढ़ावा देने के लिए एक मजबूत योजना बनाई है। इसका मकसद यह है कि किसानों की फसल मौसम की मार झेल सके और उन्हें कम नुकसान हो।

सरकार ने बताया कि साल 2014 से 2024 के बीच भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) ने कुल 2900 फसल किस्में विकसित की हैं। इनमें से 2661 किस्में ऐसी हैं, जो या तो सूखा, बाढ़, अधिक गर्मी या कीड़ों और बीमारियों को सहन करने की क्षमता रखती हैं।

खेतों में ट्रायल और किस्मों का प्रदर्शन

सरकार की ‘राष्ट्रीय जलवायु अनुकूल कृषि के लिए नवाचार परियोजना (NICRA)’ के तहत देश के 151 जलवायु प्रभावित जिलों के 448 गांवों में 11,835 किसानों के साथ ट्रायल किया गया। इसमें चावल, गेहूं, मक्का, बाजरा, सोयाबीन, ज्वार और चना जैसी 11 फसलों की 298 जलवायु-अनुकूल किस्मों का प्रदर्शन किया गया।

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छोटे किसानों को मिल रही मदद

NICRA योजना के तहत देश के 72 सूखा प्रभावित जिलों में 5278 छोटे और आदिवासी किसानों को खेती के लिए जलवायु सहनशील बीज, नर्सरी और तकनीकी मदद दी गई। गांवों में ग्राम स्तरीय बीज बैंक और सामुदायिक नर्सरी की स्थापना की जा रही है ताकि किसान समय पर अच्छा बीज प्राप्त कर सकें और बुवाई में देरी न हो।

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बीज योजना को मिल रहा बजट

बीज एवं रोपण सामग्री उप-मिशन (SMSP) को अब राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन (NFSM) के साथ जोड़ा गया है। इसके तहत 2024-25 में 270.90 करोड़ रुपये का बजट तय हुआ है, जिसमें से 206.86 करोड़ रुपये राज्यों को जारी कर दिए गए हैं। 141.46 करोड़ रुपये बीज ग्राम योजना के तहत खर्च किए जा रहे हैं।

मौसम आधारित खेती की मदद

सरकार की ग्रामीण कृषि मौसम सेवा (GKMS) किसानों को मौसम आधारित खेती की जानकारी देती है। 130 कृषि मौसम केंद्र अब हर ब्लॉक और जिले के लिए 5 दिन का पूर्वानुमान जारी करते हैं। यह सलाह 13 क्षेत्रीय भाषाओं में भी दी जाती है।

मोबाइल ऐप से जानकारी

किसान अब मौसम और कृषि सलाह के लिए ‘मेघदूत ऐप’, ‘मौसम’ ऐप, ई-ग्राम स्वराज पोर्टल, ग्राम मानचित्र ऐप, मेरी पंचायत ऐप और मौसमग्राम पोर्टल का उपयोग कर सकते हैं। इससे किसानों को अपने गांव स्तर का मौसम विवरण, कृषि सलाह और अलर्ट मिल सकेंगे।

लोकसभा में दी गई जानकारी

यह पूरी जानकारी कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर में दी। उन्होंने बताया कि सरकार की कोशिश है कि हर किसान को जलवायु के अनुकूल फसल, समय पर बीज और मौसम की जानकारी मिल सके, ताकि खेती जोखिम रहित और लाभकारी हो सके।

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