सरकारी योजनाएं (Government Schemes)राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना: ग्रामीण विकास में डिजिटल तकनीक का बढ़ता योगदान

02 दिसंबर 2024, नई दिल्ली: महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना: ग्रामीण विकास में डिजिटल तकनीक का बढ़ता योगदान – महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (MGNREGS) ग्रामीण विकास को मजबूती देने वाली एक प्रमुख योजना है। यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन और बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए एक अहम भूमिका निभा रही है। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2024-25 में योजना के तहत 187.5 करोड़ मानव दिवस सृजित किए गए, जिससे 4.6 करोड़ ग्रामीण परिवारों को रोजगार मिला। इसके साथ ही अब तक योजना के तहत 6.18 करोड़ संपत्तियों का जियोटैग किया जा चुका है।

केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने हाल ही में कृषि भवन, नई दिल्ली में एमजीएनआरईजीएस की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान योजना की उपलब्धियों, मौजूदा चुनौतियों और भविष्य की रणनीतियों पर चर्चा की गई। बैठक में ग्रामीण विकास सचिव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

योजना की बड़ी उपलब्धियां

  • मानव दिवस सृजन: वित्तीय वर्ष 2024-25 में 187.5 करोड़ मानव दिवस सृजित किए गए।
  • रोजगार सृजन: 4.6 करोड़ ग्रामीण परिवारों को योजना के माध्यम से रोजगार मिला।
  • संपत्ति निर्माण: योजना के तहत अब तक 56 लाख से अधिक संपत्तियां तैयार की गईं, जो ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत करती हैं।
  • फंड आवंटन: राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को 74,770.02 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई।
  • महिला भागीदारी: पिछले पांच वर्षों से इस योजना में महिलाओं की भागीदारी 50% से अधिक रही।

जल प्रबंधन और प्राकृतिक संसाधन सुधार में प्रगति

एमजीएनआरईजीएस के तहत प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन (एनआरएम) और कृषि आधारित गतिविधियों पर खास जोर दिया गया है। 2017-18 से 2023-24 तक जल-तनावग्रस्त ब्लॉकों की संख्या 2,264 से घटकर 1,456 रह गई है। इस दौरान 18 राज्यों के 199 जिलों के 1,519 ब्लॉकों को जल-तनावग्रस्त सूची से हटा दिया गया।

डिजिटल तकनीक का उपयोग

योजना के सुचारू क्रियान्वयन के लिए कई आईटी पहल शुरू की गई हैं:

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  1. आधार आधारित भुगतान प्रणाली: कुल वेतन भुगतान का 99% इसी माध्यम से किया जा रहा है।
  2. जियोटैगिंग: योजना के तहत बनाई गई 6.18 करोड़ संपत्तियों का जियोटैग किया गया।
  3. एनएमएमएस ऐप: अक्टूबर 2024 में इस ऐप के जरिए कार्य स्थलों पर लगभग 96% उपस्थिति दर्ज की गई।
  4. जीआईएस आधारित योजना पोर्टल: ग्राम पंचायत स्तर पर योजनाओं के समुचित क्रियान्वयन के लिए युक्तधारा पोर्टल पर प्रशिक्षण आयोजित किए जा रहे हैं।

पारदर्शिता और जवाबदेही पर फोकस

समीक्षा बैठक में योजना के पारदर्शिता तंत्र को और मजबूत करने, जॉब कार्ड धारकों को लाभ सुनिश्चित करने और कार्य स्थलों पर मशीनरी के उपयोग पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए। सभी संपत्तियों की सोशल ऑडिट और लोकपाल तैनाती पर विशेष जोर दिया गया है।

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लोकपाल तैनाती और निगरानी तंत्र में सुधार

देश के कुल 740 जिलों में से 593 जिलों (80%) में लोकपाल तैनात किए गए हैं। बाकी 147 जिलों में जल्द से जल्द तैनाती का निर्देश दिया गया है। निगरानी के लिए एरिया ऑफिसर ऐप का उपयोग बढ़ाने और अनुपालन न करने पर सख्त कार्रवाई की सिफारिश की गई है।

मिशन अमृत सरोवर के तहत 68,000 से अधिक जल निकायों का निर्माण और कायाकल्प किया गया है। यह मिशन ग्रामीण जल संरक्षण में अहम भूमिका निभा रहा है और इसे जारी रखने की योजना है।

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