भारत सरकार की योजनाओं के अमल में मध्यप्रदेश अग्रणी

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  • सुरेश गुप्ता

17 नवंबर 2021, भारत सरकार की योजनाओं के अमल में मध्यप्रदेश अग्रणी – मध्यप्रदेश देर से ही सही अपने गठन के समय बूझी गई संभावनाओं को साकार करने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है। खासतौर से पिछले डेढ़ दशक का अरसा इस बात का गवाह रहा है, कि मध्यप्रदेश विकास के पथ पर अब आगे ही आगे है। सुविचारित सोच, सुचिंतित नीतियों, फैसलों और प्रेरणादायी नेतृत्व ने सरकार की नीति और नीयत के फर्क को मिटाकर सच्चे अर्थों में प्रदेश के विकास और लोगों की बेहतरी के कामों की तस्वीर में नये रंग भर दिये हैं। आज मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में न केवल अपनी बल्कि भारत सरकार की भी लोक कल्याणकारी योजनाओं, कार्यक्रमों को अमलीजामा पहनाने में अग्रणी बनकर उभरा है। मध्यप्रदेश की इन्हीं उपलब्धियों को देखकर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने मध्यप्रदेश को भारत की अर्थव्यवस्था की ड्रायविंग फोर्स बनने की पूरी क्षमता वाला बताया है। भारत सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन में म.प्र. के अग्रणी बनने के उदाहरण हम यहाँ पाठकों से शेयर कर रहे हैं।

स्वामित्व योजना :

योजना में आबादी क्षेत्र के भू-अभिलेख तैयार कर ग्रामीणों को भूमि-स्वामी हक प्रदान करने में म.प्र. अग्रणी है। इसी साल 06 अक्टूबर को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने प्रदेश के 19 जिलों के 3 हजार ग्रामों के 1 लाख 71 हजार हितग्राहियों को अधिकार अभिलेख वितरित किए।

आयुष्मान भारत योजना :

इस योजना के कार्ड जनरेशन में मध्यप्रदेश पूरे देश में प्रथम है। प्रदेश में अब तक 2 करोड़ 57 लाख 44 हजार से अधिक कार्ड बनाये जा चुके हैं।

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना :

इस योजना के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है। अब तक 25 लाख 36 हजार 917 हितग्राहियों को लगभग 1 हजार 84 रूपए से अधिक की सहायता प्रदान की जा चुकी है।

जल जीवन मिशन :

एक करोड़ से अधिक ग्रामीण परिवार वाले राज्यों में मिशन की इस साल की भौतिक प्रगति में मध्यप्रदेश का, देश में चौथा स्थान है। मध्यप्रदेश देश का अकेला राज्य है जहाँ सभी जिला स्तरीय पेयजल परीक्षण प्रयोगशालाएँ एन.ए.बी.एल. प्रमाणित हैं। मिशन के जरिये प्रदेश में 1 करोड़ 22 लाख घरों में से 42 लाख 98 हजार घरों में नल कनेक्शन हो गये हैं।

कृषि अधोसंरचना निधि :

इस निधि के उपयोग में मध्यप्रदेश, देश में पहले स्थान पर है। अब तक 805 करोड़ रूपए से अधिक की ऋण राशि प्रदेश में हितग्राहियों को कृषि अधोसंरचा के विकास के लिये प्रदाय जारी कर दी गई है।

नगरीय विकास :

भारत सरकार के स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 में प्रदेश ने एक पायदान की छलांग लगाकर देश में तीसरा स्थान प्राप्त किया है। प्रदेश के 369 शहर ओडीएफ+ और ओडीएफ++ घोषित किए जा चुके हैं।

मनरेगा :

पिछले वित्त वर्ष में कोरोना काल में 1 करोड़ 6 लाख से अधिक जरूरतमंद लोगों को मनरेगा में रोजगार दिलाकर मध्यप्रदेश, देश में अग्रणी रहा है। इस अवधि में मजदूरों के खातों में रिकॉर्ड 6 हजार करोड़ रूपए पहुँचाये गये हैं। इस वित्त वर्ष में अभी तक 79 लाख 62 हजार श्रमिकों को रोजगार दिया जाकर 3 हजार 924 करोड़ रूपए से अधिक की राशि मजदूरों के खातों में पहुँचाई गई है। इसके अलावा अनुसूचित जनजाति परिवारों को मनरेगा से रोजगार दिलाने में भी मध्यप्रदेश, देश में पहले स्थान पर है।

स्व-सहायता समूहों का सशक्तीकरण :

मध्यप्रदेश विगत 18 माह में 36 हजार से अधिक स्व-सहायता समूहों को 2 हजार 125 करोड़ रूपये से अधिक के बैंक ऋण स्वीकृत कराकर देश में प्रथम स्थान पर है।

प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना :

इस योजना में सडक़ों की लम्बाई की उपलब्धि में मध्यप्रदेश, पिछले 3 वर्षों से देश के उच्चतम 7 राज्यों की सूची में शामिल है। साथ ही सडक़ों की गुणवत्ता में भी प्रदेश, पिछले 3 वर्षों से देश में प्रथम है।

प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) :

आवास पूर्णता के प्रतिशत के आधार पर प्रदेश, देश में दूसरे और आवासों की संख्या के आधार पर तीसरे स्थान पर है।

स्वच्छ भारत मिशन :

प्रदेश के 637 गाँव अभी तक ओ.डी.एफ. प्लस घोषित हो चुके हैं। इस मामले में मध्यप्रदेश, देश में दूसरे स्थान पर है।

प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना :

वर्तमान में देश में योजना के तहत संचालित प्रगतिरत/पूर्ण कार्यों की सर्वाधिक संख्या 2 हजार से अधिक मध्यप्रदेश में है। इस तरह प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है।

कौशल विकास :

आई.टी.आई. ग्रेडिंग में म.प्र., पूरे देश में तीसरे स्थान पर है। इसी तरह प्रदेश देश का पहला राज्य है जहाँ वर्ष 2020 में स्टेनो प्रायोगिक एनसीवीटी/एससीवीटी ऑनलाईन परीक्षा सफलतापूर्वक आयोजित कराई गई।

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