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राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

खरीफ बुवाई में 19 लाख हेक्टेयर की कमी, धान का रकबा सबसे ज्यादा घटा

सितंबर में बारिश की स्थिति फसल के लिए अहम

08 सितंबर 2026, नई दिल्ली: खरीफ बुवाई में 19 लाख हेक्टेयर की कमी, धान का रकबा सबसे ज्यादा घटा – देश में खरीफ फसलों की बुवाई इस वर्ष पिछले साल की तुलना में कम क्षेत्र में हुई है। 28 अगस्त तक कुल 1071.10 लाख हेक्टेयर में खरीफ फसलों की बुवाई दर्ज की गई, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह क्षेत्रफल 1090.01 लाख हेक्टेयर था। इस तरह इस बार करीब 18.91 लाख हेक्टेयर कम क्षेत्र में बुवाई हुई है। सामान्य खरीफ क्षेत्र 1104.25 लाख हेक्टेयर की तुलना में भी मौजूदा रकबा कम है।

सबसे अधिक असर धान की खेती पर दिखाई दे रहा है। इस वर्ष 414.10 लाख हेक्टेयर में धान की बुवाई हुई है, जबकि पिछले साल यह क्षेत्र 428.46 लाख हेक्टेयर था। यानी धान का रकबा 14.36 लाख हेक्टेयर घटा है। कर्नाटक में सबसे अधिक 3.61 लाख हेक्टेयर की कमी दर्ज की गई। तेलंगाना, झारखंड, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में भी धान का क्षेत्र घटा है। दूसरी ओर असम और हरियाणा जैसे कुछ राज्यों में बुवाई बढ़ी है, लेकिन राष्ट्रीय स्तर की कमी की भरपाई नहीं हो सकी।

सितंबर की बारिश पर टिकी उम्मीदें

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार सितंबर धान की फसल के लिए महत्वपूर्ण महीना है। कई क्षेत्रों में इस दौरान फसल दूधिया अवस्था में पहुंचती है और पर्याप्त नमी की आवश्यकता होती है। मौसम विभाग के प्रभारी डॉ. दिनेश शाह के अनुसार अल नीनो के प्रभाव से सितंबर में कुछ क्षेत्रों में सामान्य से कम बारिश, जबकि कुछ स्थानों पर अत्यधिक वर्षा की स्थिति बन सकती है।

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कम बारिश होने पर खेतों में नमी की कमी से फसल प्रभावित हो सकती है, वहीं अधिक बारिश और जलभराव से पौधों में सड़न तथा रोग बढ़ने का खतरा रहता है। इसका असर धान के साथ दलहन फसलों पर भी पड़ सकता है। ऐसे में किसानों के लिए आने वाले सप्ताह मौसम की स्थिति को देखते हुए सिंचाई, जल निकासी और फसल प्रबंधन की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण रहेंगे।

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