राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

कश्मीर के किसानों ने लहसुन की 28,061 मीट्रिक टन उपज हासिल की

13 जून 2025, नई दिल्ली: कश्मीर के किसानों ने लहसुन की 28,061 मीट्रिक टन उपज हासिल की – कश्मीर के किसानों ने इस वर्ष 2,551 हेक्टेयर भूमि पर खेती कर 28,061 मीट्रिक टन लहसुन का उत्पादन किया है। यह उत्पादन दिखाता है कि लहसुन की खेती अब स्थानीय किसानों के लिए एक सशक्त आय का स्रोत बनती जा रही है, विशेष रूप से कुलगाम जैसे क्षेत्रों में, जहां किसान आधुनिक कृषि तकनीकों को अपना रहे हैं।

लहसुन यहां के रसोईघरों का प्रमुख हिस्सा है, जिसे ताजा और पेस्ट के रूप में बड़े पैमाने पर उपयोग किया जाता है। उन्नत किस्मों और बेहतर खेती के तरीकों को अपनाने से लहसुन की गुणवत्ता और उत्पादन में काफी बढ़ोतरी हुई है।

केवल कुलगाम जिले में ही 2024-25 में किसानों ने 167 हेक्टेयर भूमि से 1,837 मीट्रिक टन लहसुन का उत्पादन किया, जिससे लगभग 14.69 करोड़ रुपये की आय प्राप्त हुई। लहसुन न केवल स्वाद के लिए बल्कि औषधीय गुणों के कारण भी काफी मांग में है, खासकर इसके प्राकृतिक एंटीबायोटिक गुणों के कारण।

स्थानीय किसानों के अनुसार, लहसुन की खेती में काफी मेहनत और निवेश की आवश्यकता होती है, खासकर बीज के रूप में उपयोग होने वाले गुणवत्तायुक्त कलियों की खरीद में। इस समय किसान कटाई में व्यस्त हैं और फसल का कुछ हिस्सा आगामी 21 जून के बाद पुनः रोपण के लिए सुरक्षित रखा जा रहा है। कटाई के बाद लहसुन को देश के विभिन्न हिस्सों में भेजा जाता है, जिसमें लद्दाख भी शामिल है। निर्यात के लिए अधिकतर लहसुन को सुखाकर उसकी जड़ों की छंटाई व ग्रेडिंग कर बेहतर बाजार मूल्य प्राप्त किया जाता है।

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लहसुन की बुवाई नवंबर या दिसंबर में होती है और कटाई वसंत ऋतु के अंत तक पूरी हो जाती है। सरकार की ओर से मिल रही सब्सिडी और तकनीकी मार्गदर्शन के चलते किसान बेहतर बीज और आधुनिक तरीकों को अपना रहे हैं, जिससे उत्पादन क्षमता और आमदनी में बढ़ोतरी हो रही है।

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