राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

ओडिशा में बदाम्बा सहकारी चीनी मिल का पुनरुद्धार करेगा आईपीएल, ₹360 करोड़ का निवेश

10 मार्च 2026, नई दिल्ली: ओडिशा में बदाम्बा सहकारी चीनी मिल का पुनरुद्धार करेगा आईपीएल, ₹360 करोड़ का निवेश – ओडिशा की बदाम्बा सहकारी चीनी मिल, जो पिछले 15 वर्षों से अधिक समय से बंद पड़ी थी, अब फिर से शुरू होने जा रही है। इस कदम से क्षेत्र के हजारों किसानों के लिए नई उम्मीद जगी है। इंडियन पोटाश लिमिटेड (आईपीएल) ने बदाम्बा शुगर मिल के आधुनिकीकरण और विस्तार के लिए ओडिशा सरकार के साथ ₹360 करोड़ के अनुमानित निवेश के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।

यह एमओयू 6 मार्च 2026 को इंडियन पोटाश लिमिटेड के प्रबंध निदेशक डॉ. पी. एस. गहलौत और ओडिशा सरकार के सहकारिता विभाग के आयुक्त-सह-सचिव श्री राजेश प्रभाकर पाटिल (आईएएस) के बीच हस्ताक्षरित किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिनके सहकारिता क्षेत्र को मजबूत बनाने के प्रयासों ने आईपीएल जैसे सहकारी संस्थानों को देशभर में बीमार पड़ी चीनी मिलों के पुनरुद्धार के लिए प्रेरित किया है।

इस कार्यक्रम में भारत सरकार के केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान, ओडिशा की उपमुख्यमंत्री श्रीमती प्रवती परिदा, ओडिशा के उपमुख्यमंत्री श्री कनक वर्धन सिंह देव तथा भुवनेश्वर की सांसद श्रीमती अपराजिता सारंगी भी उपस्थित रहीं।

एमओयू के अनुसार बदाम्बा सहकारी चीनी मिल को एक वर्ष के भीतर चालू करने का लक्ष्य रखा गया है। मिल की पेराई क्षमता 3,500 टन गन्ना प्रतिदिन (टीसीडी) होगी। इसके साथ ही परियोजना में 16 मेगावाट का को-जनरेशन पावर प्लांट, प्रतिदिन 10 टन क्षमता का बायो-सीएनजी संयंत्र और एक अत्याधुनिक कोल्ड स्टोरेज सुविधा भी स्थापित की जाएगी।

इस परियोजना से कटक जिले के बदाम्बा ब्लॉक के लगभग 10,000 किसानों को सीधे लाभ मिलने की उम्मीद है। इसके माध्यम से राज्य में गन्ना खेती को पुनर्जीवित करने, किसानों की आय बढ़ाने और क्षेत्र में रोजगार के अवसर पैदा करने में मदद मिलेगी।

गुजरात में तीन बंद पड़ी चीनी मिलों के सफल पुनरुद्धार के अनुभव के आधार पर आईपीएल ने केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय के मार्गदर्शन में बदाम्बा सहकारी चीनी मिल के पुनर्जीवन का यह प्रोजेक्ट हाथ में लिया है। इसके लिए तकनीकी और वित्तीय व्यवहार्यता अध्ययन हेतु नेशनल फेडरेशन ऑफ कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज लिमिटेड और एसबीआई कैपिटल मार्केट्स लिमिटेड को शामिल किया गया।

समझौते के तहत ओडिशा सरकार आईपीएल को मिल और उससे जुड़े बुनियादी ढांचे की स्थापना के लिए 112 एकड़ भूमि दीर्घकालिक पट्टे पर उपलब्ध कराएगी।

इस चीनी मिल के पुनरुद्धार का उद्देश्य गन्ना खेती को बढ़ावा देकर किसानों की आय में वृद्धि करना है। गन्ना अब एक ऊर्जा फसल के रूप में भी तेजी से महत्वपूर्ण बन रहा है, क्योंकि इससे एथेनॉल, बिजली और बायो-फ्यूल का उत्पादन संभव है। यह परियोजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने, रोजगार सृजन करने और क्षेत्र के किसानों को फिर से गन्ना खेती अपनाने के लिए प्रेरित करेगी।

हाल के वर्षों में आईपीएल ने गुजरात में तीन बंद पड़ी चीनी मिलों को आधुनिक तकनीक और बेहतर प्रबंधन के माध्यम से सफलतापूर्वक पुनर्जीवित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। बदाम्बा सहकारी चीनी मिल के पुनरुद्धार में भी इसी तरह का मॉडल अपनाया जाएगा, जिसमें तकनीकी आधुनिकीकरण और सहकारी भागीदारी को मिलाकर दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित की जाएगी।

इस बारे में इंडियन पोटाश लिमिटेड के प्रबंध निदेशक डॉ. पी. एस. गहलौत ने कहा, “बदाम्बा शुगर मिल का पुनरुद्धार किसानों के समर्थन और कृषि मूल्य श्रृंखला को मजबूत करने के लिए आईपीएल की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस मिल के पुनरारंभ से किसानों के लिए स्थायी अवसर पैदा होंगे, गन्ना खेती को बढ़ावा मिलेगा, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और क्षेत्र के आर्थिक विकास को गति मिलेगी। इस परियोजना को सफल बनाने के लिए हम ओडिशा सरकार और स्थानीय किसानों के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

स्थानीय किसानों और निवासियों द्वारा लंबे समय से बदाम्बा शुगर मिल को फिर से शुरू करने की मांग की जा रही थी। इसके शुरू होने के बाद क्षेत्र में गन्ना खेती को नया जीवन मिलेगा, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, ग्रामीण आजीविका मजबूत होगी और ओडिशा में सहकारिता आंदोलन को भी बल मिलेगा।

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