ग्लाइफोसेट के लिए पर्याप्त पेस्ट कंट्रोल ऑपरेटर नहीं, भारत में प्रतिबंधों की फिर होगी समीक्षा
18 अप्रैल 2026, नई दिल्ली: ग्लाइफोसेट के लिए पर्याप्त पेस्ट कंट्रोल ऑपरेटर नहीं, भारत में प्रतिबंधों की फिर होगी समीक्षा – भारत के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने ग्लाइफोसेट खरपतवारनाशक के उपयोग पर लगे प्रतिबंधों की नई समीक्षा शुरू की है, क्योंकि हितधारकों ने कहा कि वर्तमान व्यवस्था के तहत इस रसायन के उपयोग के लिए पर्याप्त पेस्ट कंट्रोल ऑपरेटर उपलब्ध नहीं हैं। इस मुद्दे पर 8 अप्रैल 2026 को कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, नई दिल्ली में बैठक आयोजित की गई।
यह बैठक दिल्ली उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में बुलाई गई थी।
बैठक में उद्योग संगठनों ने ग्लाइफोसेट के अंतरराष्ट्रीय उपयोग से जुड़े नवीनतम घटनाक्रमों की जानकारी दी। यूपीएएसआई टी रिसर्च फाउंडेशन ने कहा कि वर्तमान नियमों के तहत केवल लाइसेंसधारी पेस्ट कंट्रोल ऑपरेटरों द्वारा उपयोग की शर्त को लागू करना कठिन है, क्योंकि पर्याप्त ऑपरेटर उपलब्ध नहीं हैं।
बैठक में सहमति बनी कि नए प्रस्तुत साक्ष्यों और सुरक्षा उपायों का गहन वैज्ञानिक परीक्षण आवश्यक है। इसलिए मामले को दोबारा पंजीकरण समितिके पास भेजा जाएगा। साथ ही संगठनों से लिखित सुझाव और सुरक्षित उपयोग की कार्ययोजना मांगी गई है।
अगली सुनवाई 5 मई 2026 को निर्धारित है, उससे पहले एक और बैठक आयोजित की जाएगी।
सरकार की ओर से शामिल अधिकारी
सरकारी और नियामक पक्ष से बैठक में चंद्रजीत चटर्जी, निदेशक (पीपी); डॉ. जे.पी. सिंह, प्लांट प्रोटेक्शन एडवाइजर; डॉ. अर्चना सिन्हा, संयुक्त निदेशक (केमिकल); डॉ. सुभाष चंद, सचिव, सीआईबी एवं आरसी; हरिओम मिगलानी, वरिष्ठ विधि अधिकारी; डॉ. रानी साहू, उप निदेशक (टॉक्सिकोलॉजी); दुर्गा प्रसाद, सहायक निदेशक (पीपी); तथा डॉ. राजबीर यादव, सहायक निदेशक (केमिकल) शामिल हुए।
संगठनों के प्रतिनिधि
बैठक में क्रॉप लाइफ इंडिया, क्रॉप केयर फेडरेशन ऑफ इंडिया, पीएमएफएआई, बायर क्रॉप साइंस, यूपीएएसआई टी रिसर्च फाउंडेशन, एसीएफआईऔर सुमितोमो केमिकल के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
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