राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

बागवानी क्षेत्र में बढ़ी रफ्तार: 2025-26 में 3777.76 लाख टन उत्पादन का अनुमान, फल-सब्जियों की पैदावार बढ़ी

12 जून 2026, नई दिल्ली: बागवानी क्षेत्र में बढ़ी रफ्तार: 2025-26 में 3777.76 लाख टन उत्पादन का अनुमान, फल-सब्जियों की पैदावार बढ़ी – कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने वर्ष 2025-26 के लिए विभिन्न बागवानी फसलों के क्षेत्रफल और उत्पादन के द्वितीय अग्रिम अनुमान जारी कर दिए हैं। राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और अन्य सरकारी एजेंसियों से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर तैयार इस रिपोर्ट के अनुसार देश में बागवानी क्षेत्र और उत्पादन दोनों में वृद्धि दर्ज होने की संभावना है।

विभाग के अनुसार वर्ष 2025-26 में देश में बागवानी फसलों का कुल क्षेत्रफल लगभग 301.51 लाख हेक्टेयर रहने का अनुमान है, जो वर्ष 2024-25 के 301.36 लाख हेक्टेयर की तुलना में 0.14 लाख हेक्टेयर अधिक है। वहीं बागवानी उत्पादन 3777.76 लाख टन रहने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष के 3707.38 लाख टन उत्पादन से 70.39 लाख टन अधिक है।

प्रमुख आंकड़े

श्रेणी2024-25 (अंतिम)2025-26 (प्रथम अग्रिम अनुमान)2025-26 (द्वितीय अग्रिम अनुमान)
कुल बागवानी क्षेत्रफल (लाख हेक्टेयर)301.36301.31301.51
कुल बागवानी उत्पादन (लाख टन)3707.383708.463777.76

फलों के उत्पादन में 3.25 प्रतिशत की वृद्धि

रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2025-26 में फलों का उत्पादन बढ़कर 1214.75 लाख टन तक पहुंचने का अनुमान है। वर्ष 2024-25 में यह 1176.49 लाख टन था। यानी फलों के उत्पादन में 38.26 लाख टन या 3.25 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हो सकती है। केला, आम, पपीता, सेब और अमरूद के उत्पादन में वृद्धि इसका प्रमुख कारण माना गया है।

सब्जियों का क्षेत्रफल और उत्पादन दोनों बढ़े

देश में सब्जियों की खेती के तहत क्षेत्रफल वर्ष 2024-25 के 117.91 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 118.79 लाख हेक्टेयर होने का अनुमान है। यह 0.75 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। वहीं सब्जियों का उत्पादन 2177.97 लाख टन से बढ़कर 2210.00 लाख टन पहुंचने की संभावना है। उत्पादन में 32.04 लाख टन यानी 1.47 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान लगाया गया है।

आलू, टमाटर, भिंडी, मटर, फूलगोभी और लौकी जैसी प्रमुख सब्जियों के उत्पादन में बढ़ोतरी की संभावना जताई गई है।

प्याज का रकबा बढ़ा, उत्पादन लगभग स्थिर

वर्ष 2025-26 में प्याज की खेती का क्षेत्रफल 19.68 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 20.14 लाख हेक्टेयर होने का अनुमान है। यह 2.31 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। हालांकि उत्पादन लगभग स्थिर रहने की संभावना है। वर्ष 2025-26 में प्याज उत्पादन 307.37 लाख टन रहने का अनुमान है, जबकि वर्ष 2024-25 में यह 307.67 लाख टन था।

आलू और टमाटर उत्पादन में अच्छी बढ़त

आलू का उत्पादन वर्ष 2025-26 में 598.89 लाख टन रहने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष के 585.71 लाख टन की तुलना में 13.18 लाख टन अधिक है। इसी तरह टमाटर का उत्पादन 205.99 लाख टन से बढ़कर 214.61 लाख टन तक पहुंच सकता है, जो 4.19 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।

फूलों और औषधीय पौधों की खेती को भी मिला बढ़ावा

फूलों के क्षेत्रफल में 0.66 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान है। वर्ष 2025-26 में फूलों का रकबा 4.00 लाख हेक्टेयर तक पहुंच सकता है, जबकि उत्पादन 42.65 लाख टन से बढ़कर 45.84 लाख टन होने की संभावना है। यह करीब 7.47 प्रतिशत की वृद्धि होगी।

सुगंधित एवं औषधीय पौधों का उत्पादन भी बढ़कर 9.76 लाख टन रहने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष 9.01 लाख टन था।

मसालों और रोपण फसलों में भी वृद्धि की उम्मीद

कृषि मंत्रालय के अनुसार वर्ष 2025-26 में रोपण फसलों का क्षेत्रफल लगभग 46.56 लाख हेक्टेयर तथा उत्पादन 169.34 लाख टन रहने का अनुमान है।

वहीं मसालों के अंतर्गत क्षेत्रफल 50 लाख हेक्टेयर तक पहुंचने की संभावना है तथा उत्पादन 126.55 लाख टन रहने का अनुमान है। लहसुन, हल्दी, करी पत्ता और मेथी के उत्पादन में वृद्धि दर्ज होने की उम्मीद है।

आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture

Advertisements