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राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

इनोवेशन , स्टार्टअप गांव-गांव पहुंचने से होगा छोटे किसानों का कल्याण- श्री तोमर

31 दिसम्बर 2020, नई दिल्ली । एग्री इंडिया हैकथॉन के पहले संस्करण का शुभारंभ गत दिवस केंद्रीय कृषि मंत्री श्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किया। एग्री इंडिया हैकथॉन कृषि क्षेत्र में संवाद बनाने और नवाचारों में तेजी लाने के लिए सबसे बड़ा ऑनलाइन कार्यक्रम है। इस अवसर पर श्री तोमर ने कहा कि इनोवेशन व स्टार्टअप्स गांव-गांव पहुंचने से छोटे किसानों का कल्याण होगा और खेती के क्षेत्र में बड़ा सकारात्मक बदलाव आएगा। इस तरह के आयोजन से कृषि क्षेत्र की ताकत बढ़ेगी।

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय एवं पूसा कृषि, आईसीएआर-आईएआरआई द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि श्री तोमर ने कहा कि कृषि क्षेत्र को विकसित करने, अनुसंधान तथा नवाचार की दृष्टि से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने कई विषयों पर ध्यान आकर्षित करते हुए एग्री इंडिया हैकथॉनके आयोजन का सुझाव दिया था। प्रधानमंत्रीजीका इस बात पर जोर है कि डिजिटल प्रौद्योगिकियों का उपयोगकरके कृषि अर्थव्यवस्थाको बढ़ाया जाएं और कृषि की समस्याएं एग्री हैकथॉनके माध्यम से भी हल की जाएं। श्री तोमर ने विश्वास जताया कि एग्री इंडिया हैकथॉन के माध्यम से, हमारे युवा रचनात्मकस्टार्टअप्स व स्मार्टइनोवेटर्स के साथ कृषिक्षेत्र की बड़ीसमस्याओं से निपटनेमें योगदान देंगे।

श्री तोमर ने कहा कि हम सभी को यह सुनिश्चित करना है कि कृषि का क्षेत्र और मुनाफे में कैसे आए, युवाओं का आकर्षण खेती की तरफ कैसे बढ़े, फसलों का विविधीकरण कैसे हो, फर्टिलाइजर का उपयोग धीरे-धीरे कम हो,हम जैविक खेती व सूक्ष्म सिंचाई की ओर तेजी से बढ़े,खेती में लागत कम हो, महंगी फसलों की तरफ जाए, तकनीक कापूरा समर्थन कृषि को मिले, उत्पादन-उत्पादकता बढ़ें, वैश्विक मानकों के अनुसार खेती कर सकेंएवं अधिकाधिक निर्यात करके किसानों को समृद्ध बना सकें और जीडीपी में कृषि का योगदान सुनिश्चित कर सकें।

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श्री तोमर ने कहा कि हमें ध्यान रखने की जरूरत है कि छोटे किसान, जो 86 प्रतिशतहै, वेखेती-किसानी में कैसे बने रहे व मुनाफे की खेती कैसे कर सकें। सरकार ने इस दृष्टि से 10 हजार नए एफपीओ बनाना शुरू किए हैं, जिन पर 6,850 करोड़ रू. खर्च किए जाएंगे। कृषि के क्षेत्र में निजी निवेश लाते हुए गैप्स की भरपाई करने की कोशिश की जा रही है। गांव-गांवछोटे किसानों, बागवानी व फल-सब्जियों के किसानों को इंफ्रास्ट्रचर प्राप्त हो सकें, वेयर हाऊस व कोल्ड चैन पहुंच सकें, इसके लिए 1 लाख करोड़रू. का पैकेज मील का पत्थर साबित होगा। गांवों के छोटे किसानों तक नवाचार व स्टार्टअप नहीं पहुंचेंगे, तब तक उनका कल्याण व बदलाव कठिन होगा। कृषि मंत्रालय व आईसीएआर द्वारा भी स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने का काम किया जा रहा है। छोटे किसानों को बुवाई पूर्व औसत मूल्य की गारंटी मिल सकें, इसमें स्टार्टअप का योगदान हो वउनका ज्ञान नीचे तक पहुंचे तो खेती को मुनाफा में बदलने में देर नहीं लगेगी।

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कार्यक्रम में कृषि राज्य मंत्री श्री परषोत्तम रूपाला ने कहा कि प्रधानमंत्री जी व कृषि मंत्री जी के प्रयासों से युवाओं के खेती के प्रति आकर्षित होने की काफी संभावनाएं बढ़ गई है।इस तरह के नवाचार खेती-किसानी को काफी लाभ पहुंचाएंगे। कृषि राज्य मंत्री श्री कैलाश चौधरी ने कहा कि टेक्नालाजी की दृष्टि से यह बहुत महत्वपूर्ण कार्यक्रम है। इससे कृषि क्षेत्र में विकास की अपार संभावनाएं निर्मित होगी।अतिरिक्त सचिव सुश्री डाली चक्रबर्ती व आईसीएआर के महानिदेशक डा. त्रिलोचन महापात्र ने भी विचार व्यक्त किए। कृषि मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुश्री छवि झा ने संचालन किया एवं आईएआरआईके निदेशक डा. ए.के. सिंह ने आभार माना। कार्यक्रम से बड़ी संख्या में छात्र एवं युवा तथा अधिकारी जुड़े थे।

एग्री इंडिया हैकथॉन– यह कार्यक्रम मौजूदा कृषि पारिस्थितिकी तंत्र के उत्थान और किसानों की आय और उनके समग्र कल्याण को बढ़ाने के बड़े उद्देश्य की दिशा में काम करने के लिए राष्ट्रीय स्तर का एक प्रयास है। यह मंच छात्रों व युवा स्टार्ट-अप को अपने नवाचार और रचनात्मकता को व्यक्त करने का मौका देगा।यह आयोजन 60 दिनों के लिए होगा, जिसमें देशभर के 3000 से अधिक नवाचार, 5000+ प्रतिभागी, 100+ विचारक, 1000 से अधिक स्टार्ट-अप और 50+ स्पीकर होंगे।20 से अधिक प्रवक्ता कृषि के आज और कल पर 7 क्यूरेटेड सत्रों मैं चर्चा करेंगें। एग्री इंडिया हैकथॉन नएयुग के लिए तेज व मितव्ययी नवाचारों के लक्ष्य के साथ 5 परस्पर क्षेत्रों पर प्रभाव पैदा करना चाहता है। ये क्षेत्र हैं: खेती-सम्बद्ध गतिविधियों का मशीनीकरण, प्रिसिशन फार्मिंग जिसमें सेंसर, डब्ल्यूएसएन, आईसीटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, IoT और ड्रोन, आपूर्ति श्रृंखला और कृषि रसद, फसलोपरांत एवं खाद्य प्रौद्योगिकी तथा मूल्य संवर्धन, कृषि अपशिष्ट से धन एवं कृषि में हरित ऊर्जा।

पुरस्कार और विकास के अवसर– हजारों प्रस्तुतियां, गहन सलाह, कड़ी चयन प्रक्रिया के माध्यम से विभिन्न फोकस क्षेत्रों से 24 सर्वश्रेष्ठ नवाचारों को ₹1,00,000 का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। जीतने वाले नवाचारों को स्वतंत्र RABI द्वारा मूल्यांकन के अधीन, 29 RABI में से किसी एक पर क्रमशः 5 लाख और 25 लाख के इन्क्यूबेशन समर्थन, प्री-सीड और सीडस्टेज वित्तपोषण के लिए एक विशेष वरीयता भी मिलेगी। जीतने वाले नवाचारों में फील्ड परीक्षण का अवसर भी होगा और अगर वे इन्क्यूबेशन समर्थन का विकल्प चुनते हैं, तो RKVY- RAFTAAR नेटवर्क से प्रौद्योगिकी सत्यापन का उपयोग भी कर सकते हैं।

वेबसाइट:http://agriindiahackathon.in/

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