राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

जलवायु परिवर्तन से खेती पर असर: 10 साल में जारी हुईं 2593 फसल किस्में

11 दिसंबर 2024, नई दिल्ली: जलवायु परिवर्तन से खेती पर असर: 10 साल में जारी हुईं 2593 फसल किस्में – भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) ने जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को देखते हुए जिला कृषि आकस्मिक योजनाओं (डीएसीपी) के तहत नई पहल शुरू की है। आईसीएआर की परियोजना “जलवायु लचीला कृषि में राष्ट्रीय नवाचार (एनआईसीआरए)” का उद्देश्य सूखा, बाढ़, लू और ठंढ जैसी चरम मौसम स्थितियों के प्रभाव को कम करना है।

जलवायु लचीली फसलें और किस्मेंपिछले 10 वर्षों (अक्टूबर 2024 तक) में आईसीएआर ने 2593 फसल किस्में जारी की हैं, जिनमें से 2177 किस्में जैविक और अजैविक तनावों के प्रति सहनशील पाई गई हैं। इसके अलावा, 651 कृषि जिलों में जलवायु परिवर्तन के जोखिम का आकलन किया गया है। इनमें 310 जिलों को संवेदनशील माना गया है, जिनमें 109 ‘बहुत अधिक’ और 201 ‘अत्यधिक’ संवेदनशील हैं।

जलवायु लचीले गाँवों का विकासएनआईसीआरए के तहत “जलवायु लचीले गाँवों” (सीआरवी) की अवधारणा को अपनाया गया है। 28 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 151 जिलों में 448 जलवायु लचीले गाँव स्थापित किए गए हैं, जहां किसानों के लिए स्थान-विशिष्ट जलवायु लचीली तकनीकों का प्रदर्शन किया गया है। इन तकनीकों के व्यापक प्रसार के लिए किसानों को प्रशिक्षित किया जा रहा है।

राष्ट्रीय सतत कृषि मिशन (एनएमएसए)

एनएमएसए के तहत कई योजनाएं चलाई जा रही हैं:

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  1. प्रति बूंद अधिक फसल (पीडीएमसी): सूक्ष्म सिंचाई प्रौद्योगिकियों जैसे ड्रिप और स्प्रिंकलर का उपयोग।
  2. वर्षा आधारित क्षेत्र विकास (आरएडी): एकीकृत कृषि प्रणाली पर ध्यान।
  3. बागवानी मिशन (एमआईडीएच), कृषि वानिकी और राष्ट्रीय बांस मिशन: जलवायु लचीलापन बढ़ाने के लिए।

फसल बीमा योजनाएंप्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) और मौसम सूचकांक आधारित फसल बीमा योजना (आरडब्ल्यूबीसीआईएस) किसानों को अप्रत्याशित प्राकृतिक आपदाओं और प्रतिकूल मौसम की घटनाओं से वित्तीय सहायता प्रदान करती हैं। ये योजनाएं फसल नुकसान पर व्यापक बीमा कवर देती हैं और किसानों की आय को स्थिर रखने में मदद करती हैं।

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मौसम आधारित कृषि परामर्श: भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ग्रामीण कृषि मौसम सेवा (जीकेएमएस) योजना के तहत एग्रोमेटोरोलॉजिकल एडवाइजरी सर्विस (एएएस) चलाता है। इसके तहत जिला और ब्लॉक स्तर पर अगले 5 दिनों के मौसम का पूर्वानुमान और उससे जुड़ी फसल प्रबंधन सलाह दी जाती है। हर मंगलवार और शुक्रवार को आईएमडी की 130 एग्रोमेट फील्ड यूनिट (एएमएफयू) द्वारा तैयार की गई सलाह किसानों तक पहुंचाई जाती है।

यह जानकारी कृषि और किसान कल्याण राज्य मंत्री श्री राम नाथ ठाकुर ने लोकसभा में लिखित उत्तर के माध्यम से दी।

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