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राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

आईआईटी रोपड़, सिंजेंटा और गूगल ने भारतीय कृषि के लिए AI हैकाथॉन ‘HACK CORE 2026’ शुरू किया

30 जून 2026, नई दिल्ली: आईआईटी रोपड़, सिंजेंटा और गूगल ने भारतीय कृषि के लिए AI हैकाथॉन ‘HACK CORE 2026’ शुरू किया – कृषि क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित नवाचारों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आईआईटी रोपड़ स्थित ANNAM.AI (सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इन एग्रीकल्चर) ने सिंजेंटा और गूगल के सहयोग से राष्ट्रीय स्तर के AI हैकाथॉन HACK CORE 2026 की शुरुआत की है। इस पहल का उद्देश्य ऐसे AI समाधान विकसित करना है, जो फसलों के स्वास्थ्य, कीट एवं रोग प्रबंधन, मृदा विश्लेषण, जलवायु-अनुकूल खेती तथा बायोलॉजिकल उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा देने में किसानों की सहायता कर सकें।

यह राष्ट्रीय हैकाथॉन देशभर के छात्रों, शोधकर्ताओं, डेवलपर्स, स्टार्टअप्स और नवाचारकर्ताओं के लिए खुला है। इसमें भाग लेने वाले प्रतिभागियों को कृषि, डेटा साइंस और AI के क्षेत्र में अपनी तकनीकी क्षमता का उपयोग करते हुए किसानों की वास्तविक समस्याओं के समाधान विकसित करने का अवसर मिलेगा।

HACK CORE 2026 के तहत प्रतिभागियों को ANNAM.AI और सिंजेंटा के कृषि एवं AI विशेषज्ञों का मार्गदर्शन मिलेगा। साथ ही उन्हें कृषि अनुसंधान से जुड़ने और उद्योग विशेषज्ञों के साथ काम करने का अवसर भी प्राप्त होगा। विजेता टीम को इटली के अटेसा स्थित सिंजेंटा रिसर्च सेंटर का दौरा करने का अवसर मिलेगा, जहां वे बायोलॉजिकल अनुसंधान से जुड़ी अत्याधुनिक तकनीकों और सुविधाओं को करीब से देख सकेंगे। इसके अलावा विजेता टीमों को अपने AI समाधान को आगे विकसित करने के लिए Google Cloud Credits भी प्रदान किए जाएंगे।’

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इस हैकाथॉन की एक प्रमुख विशेषता आईआईटी रोपड़ में आयोजित होने वाला 36 घंटे का ‘बिल्ड स्प्रिंट’ है। इसमें चयनित टीमें शोधकर्ताओं, शिक्षकों और उद्योग विशेषज्ञों के साथ मिलकर अपने विचारों को कार्यशील प्रोटोटाइप में बदलेंगी। इस दौरान ऐसे AI आधारित समाधानों पर काम किया जाएगा जिन्हें खेतों में व्यावहारिक रूप से लागू किया जा सके और जिनका किसानों को प्रत्यक्ष लाभ मिले।

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ANNAM.AI के परियोजना निदेशक डॉ. पुष्पेंद्र पी. सिंह ने कहा कि कृषि अब तेजी से टिकाऊ और जलवायु-अनुकूल पद्धतियों की ओर बढ़ रही है। ऐसे में बायोलॉजिकल उत्पाद पारंपरिक फसल सुरक्षा उपायों का एक प्रभावी विकल्प बनकर उभर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से ऐसे समाधान विकसित किए जा सकते हैं जो किसानों की उत्पादकता बढ़ाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। उनके अनुसार, HACK CORE 2026 देश के प्रतिभाशाली युवाओं को कृषि क्षेत्र की वास्तविक चुनौतियों के लिए तकनीक आधारित व्यावहारिक समाधान विकसित करने का अवसर प्रदान करेगा।

यह पहल भारत सरकार के डिजिटल कृषि और तकनीक आधारित कृषि विकास के विजन के अनुरूप है। इसका उद्देश्य AI आधारित नवाचारों के माध्यम से किसानों को बेहतर निर्णय लेने, उत्पादकता बढ़ाने तथा टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने में सहयोग देना है।

HACK CORE 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इच्छुक छात्र, शोधकर्ता, डेवलपर्स, स्टार्टअप्स और अन्य नवाचारकर्ता 21 जुलाई 2026 तक आवेदन कर सकते हैं।

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