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राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

तुर्की से सेब आयात पर शुल्क बढ़ाने की हिमाचल की मांग, स्थानीय बागवानों की सुरक्षा पर जोर

26 मई 2025, नई दिल्ली: तुर्की से सेब आयात पर शुल्क बढ़ाने की हिमाचल की मांग, स्थानीय बागवानों की सुरक्षा पर जोर – हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर तुर्की से सेब के आयात पर मौजूदा 50% शुल्क को बढ़ाकर कम से कम 100% करने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे देशी सेब उत्पादकों को विदेशी प्रतिस्पर्धा से बचाया जा सकेगा। उन्होंने यह भी सुझाव दिया है कि सेब आयात की मात्रा पर एक सीमा तय की जाए ताकि बाजार में संतुलन बना रहे।

“सेब की टोकरी” कहे जाने वाले हिमाचल प्रदेश की अर्थव्यवस्था में सेब उत्पादन का बड़ा योगदान है, जिससे राज्य को हर साल लगभग 540 मिलियन डॉलर का राजस्व मिलता है। सेब की फसल के दौरान यह क्षेत्र लगभग 10 लाख कार्य-दिवस सृजित करता है और 2.5 लाख से अधिक परिवारों की आजीविका को सीधे या परोक्ष रूप से समर्थन देता है।

भारत अब 30 से अधिक देशों से सेब आयात करता है। 1998 में मात्र 1,100 मीट्रिक टन आयात से बढ़कर 2024 में यह आंकड़ा 5.19 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच गया है। इनमें तुर्की का हिस्सा 2024 में करीब 1.17 लाख मीट्रिक टन रहा, जो कुल आयात का लगभग 23% है। 2020 के बाद से तुर्की से सेब आयात में तेज़ी आई, जो 2023 में 1.29 लाख मीट्रिक टन के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था।

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आयात में इस अप्रत्याशित वृद्धि ने हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर जैसे राज्यों के छोटे सेब उत्पादकों के लिए संकट खड़ा कर दिया है। मुख्यमंत्री सुक्खू अपने आगामी दिल्ली दौरे के दौरान इस विषय को प्रधानमंत्री के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उठाने का इरादा रखते हैं।

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