Ad DesktopAd TabletAd Mobile
राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

रबी 2022-23 के लिए केंद्र सरकार द्वारा दलहन, तिलहन के मुफ्त बीज मिनीकिट देने पर जोर

23 सितम्बर 2022, नई दिल्ली: रबी 2022-23 के लिए केंद्र सरकार द्वारा दलहन, तिलहन के मुफ्त बीज मिनीकिट देने पर जोर – बीज अपने आप में एक संपूर्ण प्रौद्योगिकी का स्वरूप है। इसमें फसलों की उत्पादकता को लगभग 20-25 प्रतिशत तक बढ़ाने की क्षमता है। खेती के लिए अच्छे बीजों की उपलब्धता से उत्पादन और उत्पादकता में वृद्धि होती है। इससे किसानों के लिए उच्च आय के अलावा कृषि की इको-सिस्टम और देश की अर्थव्यवस्था को समग्र रूप से लाभ होता है। कुछ राज्यों में अनिश्चित और कम वर्षा के कारण, रबी फसलों विशेषकर दलहन और तिलहन की शीघ्र बुवाई की आवश्यकता हो गई है।

रबी 2022-23 के लिए, सरकार दलहन और तिलहन के बीज के नियमित वितरण के अलावा विभिन्न राज्यों के मानसून की कमी वाले क्षेत्रों को देखते  हुए दलहन और तिलहन के बीज मिनीकिट उपलब्ध कराने पर भी जोर दे रही है। राष्ट्रीय बीज निगम (एनएससी), नेफेड आदि केंद्रीय एजेंसियों द्वारा मिनीकिट दिए जा रहे हैं।

अधिक उपज देने वाली किस्मों के बीज मिनीकिट के वितरण से ,उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाने के लिए किसानों के बीच नवीनतम फसल किस्मों लोकप्रिय होंगी ।

Ad DesktopAd TabletAd Mobile
Ad DesktopAd TabletAd Mobile

सरकार ने 2022-23 के दौरान दलहन को बढ़ावा देने के लिए, 11 राज्यों के लिए मसूर और उड़द के 4.54 लाख बीज मिनीकिट और मसूर के 4.04 लाख बीज मिनीकिट आवंटित किए हैं। इसका उद्देश्य विशेष रूप से बारिश की कमी वाले क्षेत्रों में जल्दी बुवाई के को लेकर उत्तर प्रदेश (1,11,563 नग), झारखंड (12,500 नग) और बिहार (12,500 नग) का वितरण करना है।

कृषक जगत को व्हाट्सएप पर फॉलो करें
खेती-किसानी की ताज़ा खबरें, सीधे आपके फ़ोन पर
चैनल फॉलो करें

सरकार 2022-23 तक एक विशेष कार्यक्रम (टीएमयू 370) ‘तूर मसूर उड़द – 370’ भी लागू कर रही है, जिसके माध्यम से मसूर के तहत 120 जिलों और उड़द के तहत 150 जिलों को अधिकतम कवर प्रदान करके इन लक्षित जिलों में दलहनी फसलों के उत्पादन और उत्पादकता में वृद्धि करने का लक्ष्य रखा जा रहा है।

तिलहन को बढ़ावा देने के लिए लगभग 8.3 लाख बीज मिनीकिट वितरित की जा रही है। विभिन्न फसलों पर 39.22 करोड़ रुपए की लागत है। इनमें सरसों (10.93 करोड़ रुपये मूल्य की 575000 मिनीकिट), मूंगफली (16.07 करोड़ रुपये मूल्य की 70500 मिनीकिट), सोयाबीन (11.00 करोड़ रुपये मूल्य की 125000 मिनीकिट), कुसुम (0.65 करोड़ रुपये मूल्य की 32500 मिनीकिट) और अलसी (0.57 करोड़ रुपए मूल्य की 26000 मिनीकिट) शामिल हैं, जो किसानों को मुफ्त दी जाएगी। सरकार ने रबी 2021-22 के विशेष सरसों मिशन को लागू किया। इसके परिणामस्वरूप इसकी खेती के रकबे में 20 प्रतिशत और उत्पादन में 15 प्रतिशत वृद्धि हुई। इस वर्ष (2022-23), विशेष कार्यक्रम के तहत 18 राज्यों के 301 जिलों में रेपसीड और सरसों के 2653183 बीज मिनीकिट के वितरण के लिए 50.41 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

उपज, उत्पादकता में बढ़ोतरी

वर्ष 2014-15 से तिलहन और दलहन के उत्पादन को बढ़ाने पर नए सिरे से ध्यान दिया  गया है। तिलहन उत्पादन 2014-15 में 27.51 मिलियन टन से बढ़कर 2021-22 में 37.70 मिलियन टन (चौथा अग्रिम अनुमान) हो गया है।

पिछले 3 वर्षों में दलहन और तिलहन की उत्पादकता में काफी वृद्धि हुई है। दलहन के मामले में उत्पादकता 727 किग्रा/हेक्टेयर (2018-19) से बढ़ाकर 980 किग्रा/हेक्टेयर (चौथा अग्रिम अनुमान, 2021-22) अर्थात 34.8 प्रतिशत वृद्धि हुई है। इसी प्रकार तिलहन फसलों में उत्पादकता 1271 किग्रा/हेक्टेयर (2018-19) से बढ़कर 1292 किग्रा/हेक्टेयर (चौथा अग्रिम अनुमान, 2021-22) हो गई है।

महत्वपूर्ण खबर: किसान अब 1.60 लाख रुपये तक का ऋण  मोबाइल से ही स्वीकृत करा सकेंगे

(नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़,  टेलीग्राम )