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राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

आईसीएआर – अटारी कोलकाता ने प्राकृतिक खेती पर कार्यशाला की

21 फरवरी 2023, नई दिल्ली: आईसीएआर – अटारी कोलकाता ने प्राकृतिक खेती पर कार्यशाला की – भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर)- कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान, कोलकाता ने वेस्ट बंगाल यूनिवर्सिटी ऑफ एनिमल एंड फिशरी साइंसेज में 15-16 फरवरी, 2023 के दौरान जोन V के तहत ओडिशा (17 केवीके), पश्चिम बंगाल (16 केवीके) और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह (1 केवीके) के कृषि विज्ञान केंद्रों के लिए प्राकृतिक खेती की कार्यशाला सह क्षमता निर्माण कार्यक्रम का आयोजन किया। 

कार्यशाला का उद्देश्य “केवीके के माध्यम से प्राकृतिक खेती की आउटस्केलिंग” नामक परियोजना की गतिविधियों, कार्य योजना, धन के उपयोग आदि की प्रगति पर चर्चा करना था।

प्रोफेसर टी. के  . मंडल कुलपति, वेस्ट बंगाल यूनिवर्सिटी ऑफ एनिमल एंड फिशरी साइंसेज, कोलकाता ने एक हरित  और गौरवशाली राष्ट्र निर्माण के लिए प्राकृतिक कृषि घटकों के रणनीतिक कार्यान्वयन के लिए कृषि  वैज्ञानिकों से आग्रह किया।

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उन्होंने खेती की लागत को कम करने और उर्वरक की बढ़ती जरूरतों को रोकने और सब्सिडी के बोझ को कम करने में मदद करने के लिए प्राकृतिक खेती के माध्यम से टिकाऊ कृषि  के लिए अभिनव मॉडल और रणनीति बनाने का आग्रह किया।

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आईसीएआर- कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान (अटारी) के निदेशक डॉ पी डे ने मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन, लिंग भागीदारी, उत्पादन की घटती लागत और कृषि-पारिस्थितिक तंत्र यानी खेत-किसान-खेती के 3F (Farm-Farmer-Farming ) को जोड़ने के लिए उत्पादन बढ़ाने के महत्व को संबोधित किया।

प्रोफेसर जी एन चट्टोपाध्याय, एमेरिटस प्रोफेसर, सीकॉम स्किल्स यूनिवर्सिटी ने देश की बढ़ती आबादी की खाद्यान्न मांग को पूरा करने के लिए संसाधनों के कृषि प्रबंधन की आवश्यकता पर जोर दिया।

डॉ. पी के पाल, डीईई, यूबीकेवी ने इस बात पर प्रकाश डाला कि प्राचीन काल से हमारी भारतीय सभ्यता में प्राकृतिक खेती कैसे जुड़ी हुई है और इसके पुनर्जन्म का समय आ गया है।

इससे पहले आईसीएआर-अटारी कोलकाता परियोजना के प्रधान वैज्ञानिक और नोडल अधिकारी डॉ एफ एच रहमान ने इस परियोजना के जन जागरूकता अभियान और फसल प्रदर्शन मॉड्यूल में विभिन्न केवीके की भूमिका की सराहना की।

सभी केवीके ने इस प्राकृतिक कृषि परियोजना के तहत संचालित गतिविधियों की अपनी प्रगति प्रस्तुत की है।

महत्वपूर्ण खबर: गेहूँ मंडी रेट (20 फरवरी 2023 के अनुसार) 

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