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राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

भारत में FDI को बढ़ावा, खाद्य उद्योग में निवेश को लेकर सरकार का रुख स्पष्ट

11 जनवरी 2025, नई दिल्ली: भारत में FDI को बढ़ावा, खाद्य उद्योग में निवेश को लेकर सरकार का रुख स्पष्ट – भारतीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने आज इंडसफूड 2025 के आयोजन के दौरान खाद्य और पेय, कृषि, और समुद्री उत्पादों के क्षेत्र में अगले पांच वर्षों में $100 बिलियन के निर्यात लक्ष्य को लेकर अपनी उम्मीद जताई। उन्होंने कहा कि यह लक्ष्य कोई असाधारण नहीं है, क्योंकि इन उद्योगों को सालाना 14-15% की वृद्धि दर से आगे बढ़ने की आवश्यकता होगी।

श्री गोयल ने बताया कि पिछले वर्ष कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) और समुद्री उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (MPEDA) के प्रयासों के कारण भारत ने $50 बिलियन का निर्यात किया। इस दौरान उन्होंने इन दोनों संस्थाओं की भूमिका की सराहना की।

मंत्री ने भारतीय कंपनियों को नवाचार, बेहतर पैकेजिंग, और टिकाऊ प्रौद्योगिकियों में निवेश करने की सलाह दी। उनका मानना था कि इन क्षेत्रों में सुधार से न केवल उत्पादों की गुणवत्ता में वृद्धि होगी, बल्कि भारत के खाद्य सुरक्षा कार्यक्रमों को भी बढ़ावा मिलेगा।

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खाद्य उद्योग में स्थिरता को बढ़ावा देने के मुद्दे पर श्री गोयल ने बताया कि सरकार जैविक खेती और खाद्य उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि जैविक खाद्य प्रमाणन प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया है, ताकि किसानों को इसे अपनाने में आसानी हो, जबकि गुणवत्ता और पारदर्शिता बनाए रखी जा सके।

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श्री गोयल ने यह भी साझा किया कि सरकार देशभर में खाद्य परीक्षण प्रयोगशालाओं के विस्तार पर काम कर रही है और इस दिशा में आवश्यक उपकरणों और प्रक्रियाओं पर सुझाव आमंत्रित किए गए हैं। इसके अलावा, मंत्री ने भारतीय खाद्य उत्पादों को वैश्विक स्तर पर मान्यता दिलाने के लिए निरंतर नवाचार की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय खाद्य उद्योग में पैक्ड और रेडी-टू-ईट उत्पादों की विदेशों में भी सफलता मिली है, खासकर मिलेट्स, अचार और मसाले।

इंडसफूड का आयोजन ट्रेड प्रमोशन काउंसिल ऑफ इंडिया (TPCI) द्वारा 2017 में शुरू किया गया था। यह एक एक्सपोर्ट-फोकस्ड व्यापार मेले के रूप में स्थापित हुआ था, जिसमें भारतीय कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय आयातकों, वितरकों और खुदरा श्रृंखलाओं से जुड़ने, व्यापार अवसरों का पता लगाने और वैश्विक विस्तार को बढ़ावा देने का मंच मिलता है।

इस आयोजन में, भारतीय खाद्य उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अधिक प्रभावी तरीके से पहुंचाने के लिए संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया। हालांकि, सरकार की ओर से इस प्रकार के आयोजनों की सराहना की जाती है, परंतु यह निर्यात लक्ष्य प्राप्त करने के लिए अभी और अधिक प्रयासों की आवश्यकता होगी, विशेषकर उत्पादों की गुणवत्ता और नवाचार में।

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