राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

6 लाख गांवों में इंटरनेट सुविधा से जुड़े किसान, कृषि ज्ञान और बाजार तक पहुंच हुई आसान

21 अगस्त 2025, नई दिल्ली: 6 लाख गांवों में इंटरनेट सुविधा से जुड़े किसान, कृषि ज्ञान और बाजार तक पहुंच हुई आसान – आरजीआई (भारत के महापंजीयक) के अनुसार, भारत के कुल 6,44,131 गांवों में से 30 जून 2025 तक लगभग 6,26,055 गांवों में मोबाइल नेटवर्क (3G/4G) के जरिए इंटरनेट सुविधा उपलब्ध हो गई है। देश की सभी ग्राम पंचायतों और गांवों को ब्रॉडबैंड से जोड़ने के लिए भारतनेट परियोजना लागू की जा रही है। भारतनेट के माध्यम से अब तक देश में 13,01,193 FTTH (फाइबर टू द होम) कनेक्शन  चालू हो चुके हैं। ये कनेक्शन इंटरनेट की तेज और भरोसेमंद सेवा देते हैं।

डिजिटल सेवाओं से किसानों को बड़ा लाभ

भारतनेट के जरिए मिलने वाले वाई-फाई कनेक्शन का उपयोग लोग ई-शिक्षा, ई-स्वास्थ्य, ई-गवर्नेंस, ई-कॉमर्स जैसी सेवाओं के लिए कर रहे हैं। खासकर किसान भी इससे जुड़कर खेती से जुड़ी नई जानकारी सीख रहे हैं और कृषि में हो रहे नए विकास से खुद को अपडेट रख पा रहे हैं।

डिजिटल भारत निधि के अंतर्गत 4G संतृप्ति परियोजना और बॉर्डर पोस्ट्स पर नेटवर्क बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। जून 2025 तक 21,748 मोबाइल टावर चालू किए जा चुके हैं, जो गांवों में मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट की पहुंच को बढ़ा रहे हैं।

भारत सरकार की योजनाएं और निवेश

सरकार ने “पूंजी निवेश हेतु राज्यों को विशेष सहायता योजना 2022-23” के तहत ऑप्टिकल फाइबर केबल के विस्तार के लिए 3000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इससे वर्तमान में कवर किए गए गांवों से और अधिक गांवों तक भारतनेट का विस्तार किया जाएगा।

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इससे सरकारी संस्थान जैसे स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र, आंगनवाड़ी, पुलिस स्टेशन, कृषि विकास केंद्र, डाकघर, राशन की दुकान आदि भी इंटरनेट से जुड़ेंगे। इसके साथ ही घरों और निजी संस्थानों को भी भारतनेट नेटवर्क से जोड़ा जा सकेगा।

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सार्वजनिक वाई-फाई हॉटस्पॉट से बढ़ी डिजिटल पहुंच

प्रधानमंत्री वाई-फाई एक्सेस नेटवर्क इंटरफेस (PM-WANI) के तहत देश भर में 3,53,105 सार्वजनिक वाई-फाई हॉटस्पॉट स्थापित किए गए हैं। इससे गांवों में लोगों को ब्रॉडबैंड इंटरनेट का इस्तेमाल और सुविधाजनक हो गया है। यह जानकारी संचार एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. पेम्मासानी चंद्रशेखर ने लोकसभा में लिखित जवाब में दी है।

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