राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

कम बारिश के बाद भी धान का रकबा 400 लाख हेक्टेयर के पार

14 सितम्बर 2023, नई दिल्ली: कम बारिश के बाद भी धान का रकबा 400 लाख हेक्टेयर के पार – कृषि मंत्रालय ने 8 सिंतबर 2023 तक खरीफ फसलों के बुआई क्षेत्रों के ताजा आंकड़े जारी किए हैं। इन आकड़ों के अनुसार सोमवार तक 403.41 लाख हेक्टेयर में धान की रोपाई हुई। वही दलहन फसलों के रकबे में 11.26 लाख हेक्टेयर क्षेत्र की कमी आ गई हैं, जिससे इस बार दालों की कीमतों में इजाफा हो सकता हैं। इसके अलावा श्री अन्न और गन्ने की फसल के रकबे में वृध्दि हुई। वही तिलहनी फसल के रकबे में मामूली गिरावट नजर आई हैं।

इन आंकड़ों के अनुसार अनुमानित कवरेज क्षेत्र 1095.27 लाख हेक्टेयर हैं, लेकिन अभी तक कुल 1088.50 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ फसलें बोई गई हैं। वही पिछले वर्ष 2022 में कुल 1088.02 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बुआई हुई थी। 

धानः- पिछले वर्ष की इसी अवधि (392.81 लाख हेक्टेयर) की तुलना में लगभग 403.41 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में चावल की बुआई दर्ज की गई है। इस प्रकार पिछले वर्ष की तुलना में 10.60 लाख हेक्टेयर अधिक क्षेत्र कवर किया गया है।  छत्तीसगढ़ (3.13 लाख हेक्टेयर), झारखंड (2.46 लाख हेक्टेयर), पश्चिम बंगाल (1.82 लाख हेक्टेयर), मध्य प्रदेश (1.48 लाख हेक्टेयर), राज्यों में  अधिक बुवाई  कि रिपोर्ट मिली हैं।  त्रिपुरा (0.07 लाख हेक्टेयर), मणिपुर (0.04 लाख हेक्टेयर), उत्तराखंड (0.03 लाख हेक्टेयर) और जम्मू-कश्मीर (0.01 लाख हेक्टेयर) राज्यों से कम रकबे की सूचना मिली हैं।

दलहन: पिछले वर्ष की इसी अवधि (131.17 लाख हेक्टेयर) की तुलना में दलहन के अंतर्गत लगभग 119.91 लाख हेक्टेयर क्षेत्र कवरेज दर्ज किया गया है। इस प्रकार पिछले वर्ष की तुलना में 11.26 लाख हेक्टेयर कम क्षेत्र कवर किया गया है। बिहार (0.05 लाख हेक्टेयर) और पश्चिम बंगाल (0.01 लाख हेक्टेयर) राज्यों से अधिक बुबाई की रिपोर्ट मिली हैं। मध्य प्रदेश (3.72 लाख हेक्टेयर), कर्नाटक (3.37 लाख हेक्टेयर), महाराष्ट्र (2.64 लाख हेक्टेयर), आंध्र प्रदेश (0.63 लाख हेक्टेयर), उत्तर प्रदेश (0.50 लाख हेक्टेयर) राज्यों से कम बुबाई की सूचना मिल हैं।

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श्री अन्ना (मोटा अनाज): पिछले वर्ष की इसी अवधि (181.24 लाख हेक्टेयर) की तुलना में मोटे अनाज के तहत लगभग 182.21 लाख हेक्टेयर क्षेत्र कवरेज की सूचना दी गई है। इस प्रकार पिछले वर्ष की तुलना में 0.97 लाख हेक्टेयर अधिक क्षेत्र कवर किया गया है।  उत्तर प्रदेश (0.47 लाख हेक्टेयर), झारखंड (0.34 लाख हेक्टेयर), ओडिशा (0.34 लाख हेक्टेयर), बिहार (0.19 लाख हेक्टेयर) राज्यों से अधिक बुबाई की रिपोर्ट मिली है। तेलंगाना (0.34 लाख हेक्टेयर), राजस्थान (0.17 लाख हेक्टेयर) राज्यों से कम क्षेत्रफल की सूचना मिली है।

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तिलहन: पिछले वर्ष की इसी अवधि (193.30 लाख हेक्टेयर) की तुलना में तिलहन के अंतर्गत लगभग 191.49 लाख हेक्टेयर क्षेत्र कवरेज दर्ज किया गया है। इस प्रकार पिछले वर्ष की तुलना में 1.80 लाख हेक्टेयर कम क्षेत्र कवर किया गया है। मध्य प्रदेश (0.17 लाख हेक्टेयर), ओडिशा (0.05 लाख हेक्टेयर) झारखंड (0.01 लाख हेक्टेयर), छत्तीसगढ़ (0.01 लाख हेक्टेयर), मिजोरम (0.01 लाख हेक्टेयर) और जम्मू और कश्मीर (0.01 लाख हेक्टेयर) राज्यों से अधिक क्षेत्रफल की सूचना मिली हैं। त्रिपुरा (0.02 लाख हेक्टेयर) पंजाब (0.01 लाख हेक्टेयर), हरियाणा (0.01 लाख हेक्टेयर) और अरुणाचल प्रदेश (0.01 लाख हेक्टेयर) राज्यों से कम क्षेत्रफल की सूचना मिली हैं।

गन्ना: पिछले वर्ष की इसी अवधि (55.65 लाख हेक्टेयर) की तुलना में लगभग 59.91 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में गन्ने का कवरेज दर्ज किया गया है। इस प्रकार पिछले वर्ष की तुलना में 4.26 लाख हेक्टेयर अधिक क्षेत्र कवर किया गया है। मध्य प्रदेश (0.29 लाख हेक्टेयर), पंजाब (0.16 लाख हेक्टेयर), तमिलनाडु (0.08 लाख हेक्टेयर), ओडिशा (0.01 लाख हेक्टेयर) राज्यों से अधिक रकबे की रिपोर्ट मिली है। बिहार (0.11 लाख हेक्टेयर), आंध्र प्रदेश (0.10 लाख हेक्टेयर), तेलंगाना (0.08 लाख हेक्टेयर), हरियाणा (0.05 लाख हेक्टेयर), कर्नाटक (0.04 लाख हेक्टेयर) राज्यों से कम क्षेत्रफल की सूचना मिली है।

जूट और मेस्टा: पिछले वर्ष की इसी अवधि (6.97 लाख हेक्टेयर) की तुलना में जूट और मेस्टा के तहत लगभग 6.57 लाख हेक्टेयर क्षेत्र कवरेज दर्ज किया गया है। इस प्रकार पिछले वर्ष की तुलना में 0.40 लाख हेक्टेयर कम क्षेत्र कवर किया गया है। बिहार (0.22 लाख हेक्टेयर), पश्चिम बंगाल (0.16 लाख हेक्टेयर) और असम (0.03 लाख हेक्टेयर) राज्यों से कम क्षेत्रफल की सूचना मिली है। मध्य प्रदेश (0.29 लाख हेक्टेयर), पंजाब (0.16 लाख हेक्टेयर), तमिलनाडु (0.08 लाख हेक्टेयर), ओडिशा (0.01 लाख हेक्टेयर) राज्यों से अधिक रकबे की रिपोर्ट मिली है।

कपास: पिछले वर्ष की इसी अवधि (126.87 लाख हेक्टेयर) की तुलना में कपास के अंतर्गत लगभग 125.00 लाख हेक्टेयर क्षेत्र कवरेज दर्ज किया गया है। इस प्रकार पिछले वर्ष की तुलना में 1.88 लाख हेक्टेयर कम क्षेत्र कवर किया गया है। मध्य प्रदेश (0.25 लाख हेक्टेयर), ओडिशा (0.19 लाख हेक्टेयर) और हरियाणा (0.16 लाख हेक्टेयर) राज्यों से फसल के अधिक रकबे की रिपोर्ट मिली है।  पंजाब (0.80 लाख हेक्टेयर), आंध्र प्रदेश (0.43 लाख हेक्टेयर), तमिलनाडु (0.20 लाख हेक्टेयर) और महाराष्ट्र (0.01 लाख हेक्टेयर) राज्यों से कम क्षेत्रफल की सूचना मिली है।

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