असम बाढ़ पीड़ितों के लिए केंद्र का बड़ा ऐलान, ₹5,000 करोड़ की आवासीय मंजूरी; किसानों को फसल-बीज सहायता भी
26 अगस्त 2026, नई दिल्ली: असम बाढ़ पीड़ितों के लिए केंद्र का बड़ा ऐलान, ₹5,000 करोड़ की आवासीय मंजूरी; किसानों को फसल-बीज सहायता भी – केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मंगलवार को नई दिल्ली स्थित कृषि भवन में असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा ने मुलाकात की। बैठक में मुख्यमंत्री ने असम में बाढ़ से हुए नुकसान और किसानों की समस्याओं की जानकारी दी। साथ ही कृषि एवं ग्रामीण विकास से जुड़ी केंद्रीय योजनाओं पर चर्चा हुई। बैठक के बाद केंद्र सरकार ने बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए आवास, किसानों के लिए फसल और बीज सहायता, कृषि मशीनीकरण समेत कई योजनाओं से जुड़ी स्वीकृतियां दीं।
बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए करीब ₹5,000 करोड़ की आवासीय मंजूरी
शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि बाढ़ से जिन परिवारों के मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, सर्वे पूरा होने के बाद पात्र परिवारों की सूची के आधार पर प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत नए मकानों की स्वीकृति दी जाएगी। असम सरकार ने सर्वे की अवधि 15 दिन बढ़ा दी है, ताकि कोई भी पात्र परिवार सहायता से वंचित न रहे।
बैठक में असम के लिए करीब ₹5,000 करोड़ की कुल आवासीय स्वीकृतियों से संबंधित पत्र मुख्यमंत्री को सौंपे गए। असम में हालिया बाढ़ से हजारों मकान प्रभावित हुए हैं। राज्य सरकार की ओर से राहत और पुनर्वास के लिए किए जा रहे सर्वे के शुरुआती आकलन में 26,681 मकानों के प्रभावित होने और करीब ₹480 करोड़ के नुकसान का अनुमान सामने आया है।
चाय बागान श्रमिकों को भी मिलेगा PMAY-G का लाभ
केंद्रीय मंत्री ने असम सरकार द्वारा चाय बागान श्रमिकों को भूमि का पट्टा दिए जाने की सराहना की। उन्होंने कहा कि पहले पट्टा नहीं होने के कारण बड़ी संख्या में चाय बागान श्रमिक प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं ले पा रहे थे। अब पात्र श्रमिक परिवारों के नाम डिजिटल सर्वे के जरिए दर्ज किए जाएंगे और सूची तैयार होने के बाद उन्हें भी प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत मकान बनाने के लिए सहायता दी जाएगी।
इसके लिए केंद्र सरकार ने पीएम आवास योजना के लाभार्थियों की पहचान के लिए असम में विशेष सर्वे विंडो खोलने का निर्णय लिया है।
बाढ़ प्रभावित किसानों को फसल और बीज की मदद
बाढ़ से प्रभावित किसानों को फसलों के नुकसान की भरपाई और आगामी खेती के लिए अतिरिक्त बीज उपलब्ध कराने में केंद्र सरकार सहयोग करेगी। सब्जी उत्पादन और अन्य जरूरी कृषि गतिविधियों के लिए भी राज्य को अतिरिक्त सहायता देने पर सहमति बनी है।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि असम के किसानों को राहत देने के साथ-साथ कृषि उत्पादन को दोबारा पटरी पर लाना केंद्र सरकार की प्राथमिकता है। जरूरत के अनुसार बीज, कृषि सामग्री और अन्य सहायता उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार के प्रस्तावों पर जल्द विचार किया जाएगा।
गांवों के विलेज ऑर्गेनाइजेशन को ₹1.50 लाख की सहायता
बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने वाले विलेज ऑर्गेनाइजेशन को भी सहायता देने का निर्णय लिया गया। प्रत्येक विलेज ऑर्गेनाइजेशन को करीब ₹1.50 लाख की राशि उपलब्ध कराने का प्रस्ताव है। इसका उद्देश्य स्थानीय स्तर पर आजीविका और ग्रामीण गतिविधियों को मजबूत करना है।
कृषि योजनाओं के लिए भी मिली मंजूरी
वर्ष 2026-27 के लिए राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत असम को ₹553 करोड़ की केंद्रीय सहायता सहित कुल ₹832.7 करोड़ आवंटित किए गए हैं। वहीं आरकेवीवाई के तहत राज्य को करीब ₹279.5 करोड़ की परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। कृषि मशीनीकरण के लिए एसएमएएम के तहत ₹33.36 करोड़ की पहली मूल स्वीकृति जारी की गई है। इसके अलावा कृषि मशीनीकरण के लिए अतिरिक्त सहायता और सीमावर्ती एवं प्रभावित क्षेत्रों की जरूरतों पर भी विचार किया जाएगा।
एमआईडीएच के तहत बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सब्जी उत्पादन, कोल्ड स्टोरेज और फूड प्रोसेसिंग ढांचे के लिए ₹96.87 करोड़ की वार्षिक कार्ययोजना स्वीकृत की गई है। सुरक्षित खेती को बढ़ावा देने के लिए असम में 1,500 नए बांस पॉलीहाउस भी स्वीकृत किए गए हैं। आरकेवीवाई के तहत कीटनाशक परीक्षण प्रयोगशाला और खाद्य तेल परीक्षण प्रयोगशाला के भवनों को भी मंजूरी दी गई है।
महिला किसानों को कृषि यंत्र देने की योजना
केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने असम में महिला किसानों को कृषि पावर वीडर उपलब्ध कराने की योजना पर भी जानकारी दी। इससे खेती की लागत कम करने, श्रम की समस्या दूर करने और महिला किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी। बैठक में महिला सशक्तीकरण को लेकर भी चर्चा हुई। असम में 9 लाख से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं। असम कृषि विश्वविद्यालय के इनक्यूबेटरों के सहयोग से महिला उद्यमों को और मजबूत करने पर भी जोर दिया जाएगा।
जैविक कृषि उत्पादों की मार्केटिंग पर जोर
असम के जैविक कृषि उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराने के लिए एपीडा और नेशनल ऑर्गेनिक कोऑपरेटिव लिमिटेड के साथ साझेदारी की जा रही है। किसानों को उत्पादन से लेकर पैकेजिंग, ब्रांडिंग और निर्यात तक सहायता देने की योजना है। बैठक में असम की जैव विविधता, मसाला उत्पादन और राज्य पुष्प फॉक्सटेल ऑर्किड के विकास पर भी चर्चा हुई।
केंद्र ने हरसंभव सहयोग का दिया भरोसा
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में असम के कृषि और ग्रामीण विकास के लिए धन एवं संसाधनों की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। केंद्र सरकार प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण, कृषि अवसंरचना कोष, विकसित भारत-जी राम जी और अन्य केंद्रीय योजनाओं का अधिकतम लाभ राज्य को दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा ने बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए केंद्र से अतिरिक्त सहयोग का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि असम में बाढ़ से किसानों, ग्रामीण परिवारों और गरीबों को भारी नुकसान हुआ है। मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान का आभार जताते हुए कहा कि बाढ़ प्रभावित परिवारों, किसानों, चाय बागान श्रमिकों और ग्रामीण गरीबों के लिए केंद्र की स्वीकृतियां राज्य के लिए बड़ी राहत हैं। दोनों पक्षों ने असम में कृषि और ग्रामीण विकास को गति देने के लिए लगातार समन्वय बनाए रखने पर सहमति जताई।
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