Ad DesktopAd TabletAd Mobile
राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

21वीं पशुधन जनगणना की तैयारी: असम में अधिकारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण

11 जुलाई 2024, गुवाहाटी: 21वीं पशुधन जनगणना की तैयारी: असम में अधिकारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण – पशुपालन और डेयरी मंत्रालय ने असम, अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम और मेघालय के राज्य और जिला नोडल अधिकारियों के लिए 21वीं पशुधन जनगणना का क्षेत्रीय प्रशिक्षण आयोजित किया। इस कार्यशाला का उद्घाटन असम सरकार के कृषि, मंत्री श्री अतुल बोरा ने किया।

गुवाहाटी में हुई  इस कार्यशाला में राज्य और जिला नोडल अधिकारियों (एसएनओ/डीएनओ) को 21वीं पशुधन जनगणना के संचालन के लिए नए लॉन्च किए गए सॉफ्टवेयर (मोबाइल और वेब एप्लीकेशन/डैशबोर्ड) पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया। यह जनगणना सितंबर से दिसंबर 2024 के बीच आयोजित की जाएगी।

कार्यशाला के दौरान पशुपालन सांख्यिकी प्रभाग द्वारा 21वीं पशुधन जनगणना के संक्षिप्त विवरण के साथ कई सत्र आयोजित किए गए। आईसीएआर-राष्ट्रीय पशु आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो (एनबीएजीआर) द्वारा जनगणना में शामिल की जाने वाली प्रजातियों के नस्ल विवरणों पर विस्तृत प्रस्तुति दी गई, जिसमें सटीक नस्ल पहचान के महत्व पर जोर दिया गया। यह सटीक आंकड़े तैयार करने और सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) के राष्ट्रीय संकेतक ढांचे (एनआईएफ) के लिए महत्वपूर्ण है।

Ad DesktopAd TabletAd Mobile
Ad DesktopAd TabletAd Mobile

इस कार्यशाला में प्रशिक्षण प्राप्त  नोडल अधिकारी अपने-अपने जिला मुख्यालयों पर प्रगणकों के लिए प्रशिक्षण आयोजित करेंगे।

कृषक जगत को व्हाट्सएप पर फॉलो करें
खेती-किसानी की ताज़ा खबरें, सीधे आपके फ़ोन पर
चैनल फॉलो करें

उद्घाटन समारोह में असम सरकार के प्रधान सचिव श्री मनीष ठाकुर, भारत सरकार के सलाहकार (सांख्यिकी) श्री जगत हजारिका, असम सरकार के पशुपालन विभाग के निदेशक श्री अनिल चौधरी देवरी, भारत सरकार के पशुपालन विभाग के निदेशक (सांख्यिकी) श्री वीपी सिंह और आईसीएआर-एनबीएजीआर, करनाल के निदेशक श्री बीपी मिश्रा भी उपस्थित थे।

(नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़,  टेलीग्राम, व्हाट्सएप्प)

(कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें)

कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.krishakjagat.org/kj_epaper/

कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.global-agriculture.com