राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

केंद्र ने मध्य प्रदेश, पंजाब और तेलंगाना में पंचायती राज संस्थाओं को मजबूत करने के लिए ₹1,133 करोड़ से अधिक की XV वित्त आयोग अनुदान राशि जारी की

10 फरवरी 2026, नई दिल्ली: केंद्र ने मध्य प्रदेश, पंजाब और तेलंगाना में पंचायती राज संस्थाओं को मजबूत करने के लिए ₹1,133 करोड़ से अधिक की XV वित्त आयोग अनुदान राशि जारी की – केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2025–26 के दौरान पंचायती राज संस्थाओं (PRIs) / ग्रामीण स्थानीय निकायों (RLBs) को सशक्त बनाने के उद्देश्य से मध्य प्रदेश, पंजाब और तेलंगाना को पंद्रहवें वित्त आयोग (XV FC) के तहत ₹1,133 करोड़ से अधिक की अनुदान राशि जारी की है।

मध्य प्रदेश में ₹65,255 लाख (₹652.55 करोड़) वित्त वर्ष 2024–25 के लिए अनटाइड ग्रांट की दूसरी किस्त के रूप में जारी किए गए हैं। इस राशि से राज्य की 52 पात्र जिला पंचायतों, 312 पात्र जनपद पंचायतों और 23,001 पात्र ग्राम पंचायतों को लाभ मिलेगा। इसके अतिरिक्त, वित्त वर्ष 2024–25 की अनटाइड ग्रांट की पहली किस्त में रोकी गई ₹77 लाख की राशि भी 3 अतिरिक्त पात्र जनपद पंचायतों और 6 ग्राम पंचायतों को जारी की गई है।

पंजाब के लिए केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2025–26 की अनटाइड ग्रांट की पहली किस्त के रूप में ₹22,200 लाख (₹222 करोड़) जारी किए हैं। इस राशि से राज्य की 13,262 पात्र ग्राम पंचायतों, 150 पात्र जनपद पंचायतों और 22 पात्र जिला पंचायतों को सहायता मिलेगी।

तेलंगाना राज्य में वित्त वर्ष 2024–25 की अनटाइड ग्रांट की पहली किस्त के रूप में ₹25,602.95 लाख (₹256.03 करोड़) जारी किए गए हैं, जिससे 12,702 पात्र ग्राम पंचायतों को लाभ होगा। इसके अलावा, वित्त वर्ष 2023–24 की दूसरी किस्त में रोकी गई ₹233.18 लाख की राशि भी 11 अतिरिक्त पात्र ग्राम पंचायतों और 40 जनपद पंचायतों को जारी की गई है।

भारत सरकार में पंचायती राज मंत्रालय और जल शक्ति मंत्रालय (पेयजल एवं स्वच्छता विभाग) ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए XV वित्त आयोग अनुदान जारी करने की संस्तुति करते हैं, जिसे बाद में वित्त मंत्रालय द्वारा राज्यों को जारी किया जाता है। ये अनुदान प्रत्येक वित्तीय वर्ष में दो किस्तों में जारी किए जाते हैं।

अनटाइड ग्रांट का उपयोग पंचायती राज संस्थाएं/ग्रामीण स्थानीय निकाय संविधान की ग्यारहवीं अनुसूची में उल्लिखित 29 विषयों के अंतर्गत स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार कर सकते हैं, हालांकि इसका उपयोग वेतन और अन्य स्थापना खर्चों के लिए नहीं किया जा सकता। वहीं, टाइड ग्रांट का उपयोग बुनियादी सेवाओं के लिए किया जाएगा, जिनमें (क) स्वच्छता और खुले में शौच मुक्त (ODF) स्थिति का रखरखाव, जिसमें घरेलू कचरे का प्रबंधन, मानव अपशिष्ट और फीकल स्लज प्रबंधन शामिल है, तथा (ख) पेयजल आपूर्ति, वर्षा जल संचयन और जल पुनर्चक्रण शामिल हैं।

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