राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

एमएसपी पर दलहन और तिलहन खरीद को केंद्र की मंजूरी: चार राज्यों के किसानों को मिलेगा बड़ा लाभ, उत्तर प्रदेश में 1490 करोड़ रुपये की खरीद

23 जून 2026, नई दिल्ली: एमएसपी पर दलहन और तिलहन खरीद को केंद्र की मंजूरी:  चार राज्यों के किसानों को मिलेगा बड़ा लाभ, उत्तर प्रदेश में 1490 करोड़ रुपये की खरीद – किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करने और दलहन-तिलहन उत्पादन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सरकार ने उत्तर प्रदेश, गुजरात, तमिलनाडु और हरियाणा में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर मूंग, उड़द और मूंगफली की खरीद को मंजूरी दे दी है। इस निर्णय से हजारों किसानों को अपनी उपज का उचित मूल्य मिलेगा तथा बाजार में कीमतों की अनिश्चितता से राहत मिलने की उम्मीद है।

सरकार के इस फैसले के तहत सबसे अधिक लाभ उत्तर प्रदेश के किसानों को मिलने जा रहा है। यहां 1,490 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की मूंग और उड़द की खरीद की जाएगी। इससे प्रदेश के दलहन उत्पादक किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए बेहतर अवसर मिलेगा और उन्हें बिचौलियों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

केंद्र सरकार का मानना है कि एमएसपी पर खरीद व्यवस्था किसानों की आय को स्थिर बनाए रखने का एक प्रभावी माध्यम है। जब बाजार में कीमतें समर्थन मूल्य से नीचे चली जाती हैं, तब सरकारी खरीद किसानों के लिए सुरक्षा कवच का काम करती है। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान से बचाने के साथ-साथ कृषि उत्पादन को भी प्रोत्साहन मिलता है।

गुजरात में मूंगफली की खरीद को मंजूरी मिलने से राज्य के तिलहन उत्पादक किसानों को बड़ी राहत मिलेगी। गुजरात देश के प्रमुख मूंगफली उत्पादक राज्यों में शामिल है और यहां बड़ी संख्या में किसान इस फसल पर निर्भर हैं। वहीं तमिलनाडु और हरियाणा में भी मूंग और उड़द की सरकारी खरीद से किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य प्राप्त होगा।

विशेषज्ञों का कहना है कि दलहन और तिलहन की खेती को बढ़ावा देना देश की खाद्य एवं पोषण सुरक्षा के लिए भी आवश्यक है। भारत को खाद्य तेलों के आयात पर निर्भरता कम करने के लिए तिलहन उत्पादन बढ़ाना होगा, जबकि दलहन उत्पादन में वृद्धि से प्रोटीन की घरेलू उपलब्धता मजबूत होगी। ऐसे में एमएसपी पर खरीद किसानों को इन फसलों की ओर आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

सरकार द्वारा समय-समय पर एमएसपी पर खरीद की मंजूरी दिए जाने से किसानों का भरोसा भी मजबूत होता है। इससे वे नई तकनीकों को अपनाने और बेहतर उत्पादन करने के लिए प्रेरित होते हैं। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, यदि खरीद प्रक्रिया पारदर्शी, समयबद्ध और सरल बनाई जाए तो इसका लाभ अधिक से अधिक किसानों तक पहुंच सकेगा।

किसानों का कहना है कि सरकारी खरीद की घोषणा तभी पूरी तरह प्रभावी होगी, जब खरीद केंद्र पर्याप्त संख्या में स्थापित किए जाएं और भुगतान समय पर किया जाए। यदि खरीद प्रक्रिया सुचारु रूप से संचालित होती है, तो किसानों को बाजार में कम कीमत मिलने की समस्या से काफी हद तक राहत मिलेगी।

कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश, गुजरात, तमिलनाडु और हरियाणा में एमएसपी पर मूंग, उड़द और मूंगफली की खरीद को मिली मंजूरी किसानों के हित में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। इससे न केवल किसानों की आय को सुरक्षा मिलेगी, बल्कि दलहन एवं तिलहन उत्पादन को भी नई गति मिलेगी और देश की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूती प्राप्त होगी।

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