Budget 2026: किसानों की आमदनी कैसे बढ़ाएगी सरकार? जानिए 7 बड़े फोकस एरिया
02 फरवरी 2026, नई दिल्ली: Budget 2026: किसानों की आमदनी कैसे बढ़ाएगी सरकार? जानिए 7 बड़े फोकस एरिया – केंद्र सरकार ने Budget 2026 (वित्तीय वर्ष 2025-26) में खेती और उससे जुड़े क्षेत्रों को नई दिशा देने का संकेत दिया है। इस बार सरकार का फोकस केवल पारंपरिक खेती तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को एक आधुनिक, तकनीक-संचालित बिजनेस मॉडल में बदलने पर है।
सरकार ने कृषि और संबद्ध क्षेत्रों के लिए 1,62,671 करोड़ रुपये का बजट रखा है। इस बजट का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना, जोखिम कम करना और उन्हें वैश्विक बाजार की प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना है।
सरकार ने किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए 7 बड़े फोकस एरिया तय किए हैं—
भारत-विस्तार और AI से बदलेगी खेती
खेती को स्मार्ट बनाने के लिए सरकार ‘भारत-विस्तार’ योजना पर जोर दे रही है। इसके तहत Agri Stack पोर्टल और ICAR (भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद) के डेटा को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जोड़ा जाएगा।
इसका फायदा यह होगा कि किसानों को मोबाइल पर ही मौसम की सटीक जानकारी, मिट्टी की स्थिति और फसल रोगों की समय रहते जानकारी मिल सकेगी, जिससे नुकसान कम होगा और उत्पादन बेहतर होगा।
चंदन जैसी हाई-वैल्यू फसलों पर जोर
सरकार अब खेती को घाटे से निकालने के लिए उच्च मूल्य वाली फसलों को बढ़ावा दे रही है।
चंदन की खेती को एक प्रमुख स्तंभ के रूप में शामिल किया गया है। इसके साथ ही पोस्ट-हार्वेस्ट प्रोसेसिंग यानी कटाई के बाद की प्रक्रिया पर भी ध्यान दिया जाएगा, ताकि किसानों को लंबे समय में अधिक मुनाफा मिल सके।
काजू-कोको कार्यक्रम से नई कमाई
पारंपरिक फसलों के अलावा सरकार ने काजू और कोको के लिए अलग-अलग समर्पित कार्यक्रम शुरू करने की योजना बनाई है। इन नकदी फसलों से किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ निर्यात की संभावनाएं भी मजबूत होंगी।
मत्स्य पालन और जल संसाधनों का विकास
नीली क्रांति को आगे बढ़ाने के लिए सरकार ने 500 जलाशयों और अमृत सरोवरों के एकीकृत विकास का लक्ष्य रखा है। मत्स्य पालन में केवल मछली उत्पादन ही नहीं, बल्कि तटीय क्षेत्रों में वैल्यू चेन को मजबूत करने पर भी जोर होगा। महिला समूहों और फिश एफपीओ को स्टार्टअप्स से जोड़कर रोजगार के नए अवसर तैयार किए जाएंगे।
बागवानी और नट्स की सघन खेती
बागवानी के लिए एक समर्पित कार्यक्रम चलाया जाएगा। सरकार का फोकस पुराने और कम उत्पादन वाले बागों के कायाकल्प पर है। विशेष रूप से अखरोट, बादाम और पाइन नट्स की हाई-डेंसिटी खेती को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे कम जमीन में ज्यादा पैदावार संभव हो सकेगी। इसके साथ ही नारियल और कोको के उत्पादन को बढ़ाने के लिए भी नई योजनाएं लागू होंगी।
पशुपालन और डेयरी सेक्टर का आधुनिकीकरण
पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए सरकार लोन और सब्सिडी आधारित योजनाएं लेकर आई है।
ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में पशु चिकित्सा अस्पताल, डायग्नोस्टिक लैब और ब्रीडिंग सेंटर खोलने के लिए पूंजीगत सब्सिडी दी जाएगी। इससे दूध उत्पादन बढ़ेगा और डेयरी व्यवसाय मजबूत होगा।
कौशल विकास और एग्री-स्टार्टअप्स
सरकार खेती को केवल परंपरागत काम नहीं, बल्कि एक आधुनिक व्यवसाय के रूप में विकसित करना चाहती है। इसके लिए किसानों और ग्रामीण युवाओं के लिए विशेष ट्रेनिंग प्रोग्राम चलाए जाएंगे। लोन-लिंक्ड सब्सिडी के जरिए कृषि आधारित स्टार्टअप्स को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि गांव का युवा खेती को मजबूरी नहीं बल्कि अवसर के रूप में अपनाए और पलायन रुके।
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