राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

खरीफ 2025 में BASF का नया कीटनाशक होगा लॉन्च, चावल किसानों को मिलेगी टिड्डों से सुरक्षा

10 फ़रवरी 2025, नई दिल्ली: खरीफ 2025 में BASF का नया कीटनाशक होगा लॉन्च, चावल किसानों को मिलेगी टिड्डों से सुरक्षा – बी.ए.एस.एफ (BASF) ने अपने नए प्रेक्सियो एक्टिव(Prexio Active) के लिए भारत में पंजीकरण प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह नया सक्रिय अवयव खासतौर पर चावल की चार प्रमुख हॉपर प्रजातियों के प्रभावी प्रबंधन के लिए विकसित किया गया है। हाल ही में बी.ए.एस.एफ ने प्रमुख एशिया-प्रशांत बाजारों में इस उत्पाद के लिए नियामकीय दस्तावेज दाखिल किए हैं। यह कदम न केवल बी.ए.एस.एफ के वैश्विक कीटनाशक पोर्टफोलियो के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, बल्कि एशिया के किसानों को टिकाऊ और प्रभावी समाधान प्रदान करने की इसकी प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।

बी.ए.एस.एफ एग्रीकल्चरल सॉल्यूशंस के ग्लोबल इंसेक्टिसाइड रिसर्च और सीड सॉल्यूशंस के वाइस प्रेसिडेंट हेरोल्ड बास्टियांस ने कहा, “एशियाई चावल उत्पादक किसान ऐसे उन्नत समाधानों की तलाश में हैं जो चावल हॉपर्स पर मजबूत और टिकाऊ नियंत्रण प्रदान करें, खासकर तब जब कीटनाशकों के प्रति प्रतिरोधक क्षमता बढ़ रही हो और वैश्विक स्तर पर चावल की मांग भी तेजी से बढ़ रही हो। प्रेक्सियो के जरिए हम किसानों को नवाचार आधारित समाधान उपलब्ध कराने के अपने प्रयास को जारी रख रहे हैं, जो उनकी फसलों की सुरक्षा करने के साथ-साथ पर्यावरण और उपयोगी कीटों के लिए भी अनुकूल है, बशर्ते इसे सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए।”

कैसे काम करता है प्रेक्सियो एक्टिव?

प्रेक्सियो एक्टिव को कीटनाशक प्रतिरोध कार्रवाई समिति (IRAC) द्वारा ग्रुप 4E श्रेणी में रखा गया है और इसका बाज़ार में उपलब्ध अन्य कीटनाशकों से कोई ज्ञात क्रॉस-रेसिस्टेंस नहीं है। यह चावल की चार प्रमुख हॉपर प्रजातियों – ब्राउन प्लांटहॉपर, व्हाइट-बैक प्लांटहॉपर, स्मॉल ब्राउन प्लांटहॉपर और राइस ग्रीन लीफहॉपर के सभी हानिकारक जीवन चरणों पर प्रभावी नियंत्रण प्रदान करता है।

प्रेक्सियो एक्टिव चावल हॉपर्स की खुराक लेने की क्षमता को तुरंत रोक देता है, जिससे उनकी वृद्धि और प्रजनन की प्रक्रिया बाधित हो जाती है। इससे फसल को नुकसान पहुंचाने की उनकी क्षमता समाप्त हो जाती है।

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प्रेक्सियो एक्टिव न केवल चावल हॉपर्स पर नियंत्रण करता है, बल्कि फसल के स्वास्थ्य को भी मजबूत बनाता है। शोध में पाया गया है कि इस कीटनाशक के उपयोग से चावल के पौधे अधिक मजबूत तने, घनी छतरी, बेहतर जड़ प्रणाली और चौड़ी झंडी पत्तियों के साथ विकसित होते हैं। इससे पौधे अधिक सुरक्षित रहते हैं और किसानों को उच्च उपज प्राप्त करने की संभावना बढ़ जाती है।

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बी.ए.एस.एफ एग्रीकल्चरल सॉल्यूशंस की वाइस प्रेसिडेंट स्टेफनी जेन्सन ने बताया, “प्रेक्सियो एक्टिव बी.ए.एस.एफ द्वारा विशेष रूप से चावल की खेती के लिए विकसित पहला कीटनाशक अवयव है। यह किसानों के लिए उपयोग में आसान और लचीला समाधान प्रदान करता है, जिसे पारंपरिक नर्सरी बॉक्स खेती में ग्रैन्यूलर रूप में या प्रत्यारोपित एवं सीधे बोए गए चावल में फोलियर स्प्रे के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। इसकी व्यापक एप्लिकेशन विंडो के कारण किसान अपनी सुविधानुसार इसका छिड़काव कर सकते हैं।”

बी.ए.एस.एफ के ग्लोबल प्रेक्सियो प्रोजेक्ट लीड देवेन्द्र व्यास ने कहा, “यह अत्यधिक प्रभावी अवयव सामान्य कीट दबाव की स्थिति में केवल एक बार स्प्रे करने की आवश्यकता रखता है, जिससे किसानों का समय और श्रम दोनों की बचत होती है।”

भारत में जल्द लॉन्चड्रोन स्प्रे में भी उपयोगी

प्रेक्सियो एक्टिव की सस्पेंशन कंसंट्रेट फॉर्मूलेशन इसे ड्रोन स्प्रे और टैंक-मिक्सिंग के लिए अनुकूल बनाती है। यह चावल उत्पादन प्रणाली में इस्तेमाल किए जाने वाले कई अन्य फसल सुरक्षा उत्पादों के साथ आसानी से मिलाया जा सकता है।

यदि नियामकीय स्वीकृतियां समय पर मिल जाती हैं, तो बी.ए.एस.एफ 2025 की दूसरी तिमाही तक भारत में खरीफ सीजन के लिए प्रेक्सियो आधारित उत्पादों को लॉन्च करने की योजना बना रही है। इसके बाद इसे चीन, जापान, इंडोनेशिया और वियतनाम सहित अन्य एशियाई देशों में भी जल्द ही पेश किया जाएगा।

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