एपीडा ने आम निर्यात को बढ़ावा देने के लिए बहरीन में आम महोत्सव किया

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15 जून 2022, नई दिल्ली । एपीडा ने आम निर्यात को बढ़ावा देने के लिए बहरीन में आम महोत्सव किया कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) ने आम के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए, बहरीन में भारतीय दूतावास और अल जज़ीरा समूह के सहयोग से 13 जून को आठ दिवसीय आम महोत्सव का शुभारंभ किया।

महोत्सव में, पूर्वी राज्यों पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश और ओडिशा के आमों की 34 किस्मों को बहरीन के अल जज़ीरा समूह सुपरमार्केट के आठ अलग-अलग स्थानों पर प्रदर्शित किया जा रहा है। इनमें से 27 किस्में पश्चिम बंगाल से खरीदी गई हैं, जबकि दो-दो किस्में बिहार, झारखंड, ओडिशा और एक किस्म उत्तर प्रदेश से खरीदी गई हैं। आम की सभी किस्मों को सीधे किसानों और दो किसान उत्पादक संगठनों से खरीदा गया है। आम महोत्सव 20 जून 2022 तक जारी रहेगा।

पश्चिम बंगाल से आम की 27 अलग-अलग किस्में भवानी, दाउद भोग, आम्रपाली, गोलपखास, रोगनी, दिलशाद, चटर्जी, बिमली, रतन केवड़ा, मल्लिका, अनारस, साहेबपास और किशन भोग, लक्ष्मण भोग, मधु लतिका, रसगुल्ला, द्वारिका, राजा भोग, अमृत भोग, अरजनमा, नीलांजना, रानी पसंद, राखल भोग, देसी सुंदरी, लंगड़ा, हिमसागर और खिरसापति हैं। झारखंड के कमली और बीजू, जबकि बिहार के जरदालू, जो कि जीआई-टैग की गई किस्म है, और लंगड़ा बहरीन में मैंगो फेस्टिवल में प्रदर्शित किए जा रहे हैं। महोत्सव में ओडिशा के बेंगनपल्ली और हिमसागर और उत्तर प्रदेश के दशहरी किस्में भी शामिल हैं।

भारतीय आमों की सभी 34 किस्मों को बहरीन के हमला, महूज़, ज़िंग, जुफैर, बुदैया, आदिलिया, सीफ़ और रिफ़ा में स्थित अल जज़ीरा के आठ अलग-अलग स्टोरों में प्रदर्शित किया गया है। इसके अलावा, आम के रूप में, कई आम से तैयार उत्पाद जैसे अल जज़ीरा बेकरी में तैयार आम का केक, जूस, विभिन्न प्रकार के मैंगो शेक आदि को भी महोत्सव में प्रदर्शित किया गया है।

बहरीन में आम प्रदर्शनी ‘आम महोत्सव 2022’ के अंतर्गत भारतीय आमों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजारों का पता लगाने के लिए एपीडा की नई पहल का हिस्सा है। यह भारतीय आमों के लिए एक वैश्विक मंच प्रदान करने की एपीडा की प्रतिबद्धता का परिणाम है कि पहली बार पूर्वी राज्यों के आमों की 34 किस्मों को बहरीन में प्रदर्शित किया गया है। पहले के अवसरों पर, ज्यादातर वैश्विक प्रदर्शनी में अलफांसो, केसर, बंगनपल्ली आदि जैसे दक्षिणी और पश्चिमी क्षेत्रों से प्राप्त होने वाले आमों की किस्मों को प्रदर्शित किया जाता था।

भारत में आम को ‘फलों का राजा’ भी कहा जाता है और प्राचीन शास्त्रों में इसे कल्पवृक्ष (इच्छा पूरी करने वाला पेड़) कहा गया है। जबकि भारत के अधिकांश राज्यों में आम के बागान हैं। उत्तर प्रदेश, बिहार, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक के आम, इस फल के कुल उत्पादन में एक बड़ा हिस्सा हैं। अल्फांसो, केसर, तोतापुरी और बंगनपल्ली भारत से निर्यात की जाने वाली आम की प्रमुख किस्में हैं। आम का निर्यात मुख्य रूप से तीन रूपों: ताज़े आम, आम का गूदा और आम के टुकड़े के रूप में होता है।

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