एपीडा ने बासमती धान किसानों के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया

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25 जुलाई 2021, नई दिल्ली । एपीडा ने बासमती धान  किसानों के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) की शाखा बासमती निर्यात विकास फाउंडेशन (बीईडीएफ) ने निर्यात को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बासमती चावल की खेती मेंजुटे  किसानों को जागरूक बनाने के लिए एक अभिनव कदम उठाया है।इस पहल के एक हिस्से के रूप में, बीईडीएफ ने उत्तर प्रदेश के चावल निर्यातक संघ के सहयोग से उच्च गुणवत्ता वाला बासमती चावल उगाने के लिए किसानों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर जिले के  जहांगीरपुर में एक जागरूकता अभियान शुरू किया है।यह अभियान 16 जुलाई को शुरू किया गया था। 

इस जागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से किसानों को इस बात की जानकारी दी गई कि बासमती चावल की खेती एक भारतीय परंपरा है और इस परंपरा को बनाए रखना एक सामूहिक जिम्मेदारी है क्योंकि वैश्विक बाजार में बासमती चावल की भारी मांग है। किसानों से  कृषि विभाग के माध्यम से basmati.net पर अपना पंजीकरण कराने का कहा  गया है।

एपीडा ने उत्पादों की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए किसानों को प्रमाणित बीजों के साथ-साथ रासायनिक उर्वरक के वैज्ञानिक उपयोग का भी सुझाव दिया है ताकि बासमती चावल का गुणवत्तापूर्ण उत्पादन सुनिश्चित किया जा सके जिससे देश से बासमती चावल के निर्यात को और बढ़ावा मिले।

भारत ने 2020-21 में 29,849 करोड़ रुपये (4019 मिलियन अमेरिकी डॉलर) मूल्य का 4.63 मिलियन टन बासमती चावल का निर्यात किया।

एपीडा मूल्य श्रृंखला में मौजूद विभिन्न हितधारकों के सहयोग से चावल के निर्यात को बढ़ावा देता रहा है। सरकार ने एपीडा के तत्वावधान में चावल निर्यात संवर्धन फोरम (आरईपीएफ) की स्थापना की थी। आरईपीएफ में चावल उद्योग, निर्यातकों, एपीडा के अधिकारियों, वाणिज्य मंत्रालय और पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, असम, छत्तीसगढ़ और ओडिशा सहित प्रमुख चावल उत्पादक राज्यों के कृषि निदेशकों का प्रतिनिधित्व है।

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