बीज से बदलाव : ABTL की तकनीक से बेहतर अंकुरण, मजबूत फसल
15 जून 2026, इंदौर: बीज से बदलाव : ABTL की तकनीक से बेहतर अंकुरण, मजबूत फसल – किसी भी फसल की सफलता का आधार गुणवत्तापूर्ण बीज और उसका सफल अंकुरण होता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि फसल की शुरुआती अवस्था मजबूत हो, तो उत्पादन और गुणवत्ता दोनों में उल्लेखनीय सुधार संभव है। लेकिन कमजोर अंकुरण, बीज एवं मिट्टी जनित रोग तथा प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण किसानों को अक्सर फसल स्थापना के दौरान नुकसान उठाना पड़ता है। विशेषज्ञों के अनुसार खराब बीज स्थापना के कारण किसानों की उपज में 20 से 30 प्रतिशत तक कमी आ सकती है।
वर्तमान समय में बढ़ती जनसंख्या, मिट्टी की घटती उर्वरता, जलवायु परिवर्तन तथा रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग ने कृषि क्षेत्र के सामने नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। ऐसे में एंजाइम आधारित जैविक तकनीक को टिकाऊ कृषि के लिए एक महत्वपूर्ण विकल्प के रूप में देखा जा रहा है। एंजाइम प्राकृतिक जैविक उत्प्रेरक हैं, जो मिट्टी में मौजूद कार्बनिक पदार्थों को तोड़कर पौधों के लिए आवश्यक पोषक तत्व उपलब्ध कराने में मदद करते हैं। साथ ही ये मिट्टी के लाभकारी सूक्ष्मजीवों को सक्रिय कर पौधों की वृद्धि और रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी मजबूत बनाते हैं। जहां रासायनिक उर्वरकों का लगातार उपयोग मिट्टी की जैविक सक्रियता को प्रभावित करता है, वहीं एंजाइम आधारित जैविक उत्पाद मिट्टी को जीवंत बनाए रखने में सहायक होते हैं। विभिन्न अध्ययनों में यह भी सामने आया है कि ऐसी तकनीकों के उपयोग से बीज अंकुरण, जड़ विकास, फसल की गुणवत्ता और उत्पादन क्षमता में सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलते हैं।
इसी दिशा में कार्यरत एडवांस्ड बायो-एग्रो टेक लिमिटेड (एबीटीएल) एंजाइम आधारित कृषि समाधानों के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। वर्ष 2007 से कार्यरत कंपनी ने एंजाइम तकनीक और लाभकारी सूक्ष्मजीवों पर आधारित ऐसे उत्पाद विकसित किए हैं, जिनका उद्देश्य किसानों को फसल स्थापना से लेकर बेहतर उत्पादन तक सहायता प्रदान करना है।
कंपनी के अनुसार उसका उत्पाद एजी सुपर बीज अंकुरण को प्रोत्साहित करने, पौधों की प्रारंभिक मृत्यु दर कम करने तथा बीज एवं मिट्टी जनित रोगों से सुरक्षा प्रदान करने में सहायक है। वहीं जियोरिच मिट्टी में लाभकारी सूक्ष्म जीवों की संख्या बढ़ाने, जड़ों को मजबूत बनाने तथा पौधों की वृद्धि को प्रोत्साहित करने का कार्य करता है। कंपनी का दावा है कि इसके उपयोग से रासायनिक उर्वरकों की आवश्यकता में भी कमी लाई जा सकती है। इसके अलावा बीकिल उत्पाद बीजों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और प्रारंभिक अवस्था में पौधों को सुरक्षित रखने में मदद करता है। भविष्य की खेती केवल अधिक उत्पादन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि मिट्टी की सेहत, संसाधनों के संरक्षण और टिकाऊ कृषि पद्धतियों पर भी निर्भर करेगी। ऐसे में बीज उपचार और फसल स्थापना के लिए जैविक एवं एंजाइम आधारित तकनीकों का महत्व लगातार बढ़ेगा। स्वस्थ बीज, मजबूत जड़ें और जीवंत मिट्टी ही कृषि की स्थायी समृद्धि का आधार बन सकती हैं। अधिक जानकारी के लिए सम्पर्क करें- 9599779029
आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़, व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture

