टोकी: फसलों के लिए आवश्यक एक अनूठा उत्पाद

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टोकी: फसलों के लिए आवश्यक एक अनूठा उत्पाद

11 जुलाई 2020, इंदौर। टोकी: फसलों के लिए आवश्यक एक अनूठा उत्पाद – आधुनिक कृषि को फसल की उत्पादकता, लगातार बढ़ती आबादी के भोजन की आवश्यकता पूर्ति एवं मृदा उत्पादकता का तेजी से हो रहा क्षरण इन दोहरी चुनौतियों से निपटना है। इन चुनौतियों के साथ-साथ, उर्वरकों के अनुचित व असंतुलित उपयोग और जैविक खादों की अनुपलब्धता आगे की समस्या पैदा करती हैं, अजैविक तनाव जैसे बहुत अधिक तापमान और अप्रत्याशित बारिश सीधे फसल की उत्पादकता को प्रभावित करते हैं। ये सभी कारक किसानों द्वारा अपने खेती के तरीकों में बदलाव का आह्वान करते हैं मिट्टी किसी भी फसल का आधार है और फसल के लिए प्राकृतिक या कृत्रिम रूप से उपलब्ध सभी पोषक तत्वों का भंडार है। मिट्टी का सबसे महत्वपूर्ण घटक जो पोषक तत्वों की उपलब्धता और पौधों की तेजी से वृद्धि को प्रभावित करने की क्षमता को प्रभावित करता है, वह है मिट्टी में कार्बनिक पदार्थ, मुख्य रूप से ह्यूमस और अन्य जटिल यौगिक। किसान भाइयों की न्यूनतम पैदावार की इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए भारत इंसेक्टिसाइडस लि. लाए हैं एक यूनिक जैविक उपज वर्धक उत्पाद टोकी।

मिट्टी की सेहत में सुधार

इस उत्पाद की विशेषताएं बताते हुए कम्पनी के मार्केट डेवलपमेंट मैनेजर श्री एल.के. त्यागी ने बताया कि टोकी प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले कार्बनिक यौगिकों, पोषक तत्वों, वृद्धि उत्तेजक और प्राकृतिक चेलेटिंग एजेंटों का एक अनूठा मिश्रण है। टोकी में उच्च गुणवत्ता वाला ह्यूमिक एसिड होता है, जो मिट्टी की संरचना में सुधार करता है, लाभकारी सूक्ष्मजीवों को बढ़ावा देता है और पौधे को अधिक सफेद जड़ें विकसित करने में मदद करता है, जो पौधे द्वारा पोषक अवशोषण के लिए आवश्यक हैं।

टोकी में 3 महत्वपूर्ण विटामिन होते हैं। विटामिन सी, ई,बी 1 और मायो. इनोसिटोल, एकसाथ ये विकास और खाद्य उत्पादन के लिए आवश्यक जैव रसायनिक प्रक्रियाओं की एक बड़ी संख्या को बढ़ाते हैं। अमीनो एसिड पौधे के सीधे भोजन के रूप में कार्य करते हैं और मैक्रो और माइक्रोन्यूट्रिएंट्स के लिए एजेंट हैं, जो हम उर्वरकों के रूप में उपयोग करते हैं।

इसलिए हम देखते हैं कि टोकी न केवल फसल के लिए मिट्टी की स्थिति का अनुकूलन करने के लिएए बल्कि पौधे के अंकुरण, वृद्धि और उत्पादकता में तेजी लाने के लिए एक आदर्श आदान है, जिससे पूरे पौधे के जीवन में फसल को काफी मदद मिलती है। यही कारण है कि टोकी किसानों के बीच बहुत लोकप्रिय है। हम बीज के साथ या बुवाई के 30 दिनों के भीतर और पहले उपयोग के 15.20 दिनों के बाद दूसरे उपयोग के साथ टोकी के उपयोग की सलाह देते हैं। धान्य फसलों और सब्जियों, गन्ने और अन्य उच्च मूल्य वाली फसलों के लिए उपयोग की दर 5 किलोग्राम प्रति एकड़ है।

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