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कृषि कंपनी समाचार (Industry News)

जीएसपी क्रॉप साइंस ने नया उत्पाद एलिमेंट लांच किया

20 जुलाई 2024, इंदौर: जीएसपी क्रॉप साइंस ने नया उत्पाद एलिमेंट लांच किया – देश की प्रसिद्ध कंपनी जीएसपी क्रॉप साइंस प्रा. लि. ने अपना  नया आविष्कारी पेटेंटेड फफूंदनाशक उत्पाद  ‘एलिमेंट’ को पूरे देश में एक साथ लॉन्च किया गया। अलग अंदाज़ के तहत कोर टीम मेंबर अहमदाबाद से ऑनलाइन माध्यम से सीधे अपने सभी चैनल पार्टनर्स और किसानों से जुड़े और बाकी पूरी टीम ने अलग -अलग निर्धारित स्थान  पर रहकर इस प्रसारण को सभी लोगों तक  पहुंचाकर इस उत्पाद के बारे में बताया। प्रोडक्ट लांचिंग के दौरान कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर श्री भावेश शाह ,वीपी (सेल्स एंड मार्केटिंग) श्री राजेंद्र लांडगे, एचआर लीडर सुश्री विहांगी शाह, चीफ स्ट्रेटेजिक मार्केटिंग ऑफिसर डॉ  अमरनाथ चंद्रानी, प्रोडक्ट डेवलपमेंट हेड श्री दीपक पटेल, जीएम मार्केटिंग श्री साधु जाधव, जीएम सेल्स ( नार्थ इंडिया )श्री अजय जावला, जीएम प्रोडक्ट मैनेजर श्री राधेश्याम सहित बड़ी संख्या में टीम मेंबर और किसान जुड़े।

श्री शाह ने जहां सभी चैनल पार्टनर और  किसानों को अपना परिवार मानते  हुए  उन्हें समृद्ध बनाने की बात  कही  और ग्रो बेयोंड का महत्व बताया, वहीं श्री लांडगे ने धान में आने वाली मुख्य समस्याओं का जिक्र कर मुख्य रूप से फफूंद जनित  रोग शीथ ब्लाइट, शीथ रॉट, ब्राउन लीफ स्पॉट, फाल्स स्मट, ग्रैन डिस्कोलरेशन से होने वाले नुकसान से अवगत कराया। श्री पटेल और श्री जाधव ने प्रोडक्ट की टेक्निकल जानकारी विस्तार से दी।

 श्री पटेल और श्री जाधव ने नए उत्पाद एलिमेंट की कार्य प्रणाली पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए बताया कि एलिमेंट एक फफुंदनाशक है, जो कि  थिफ्लुजामाइड 15 %+ डिफ़ेनोकोनाज़ोल 20 % SC का रेडी मिश्रण है, जो अपने प्रिवेंटिव एवं क्यूरेटिव कार्य प्रणाली के द्वारा धान ही होने वाले रोगों का सम्पूर्ण तरीके से निदान करता  है।  यह एक दो भिन्न प्रकार के मोड ऑफ एक्शन थाईफ्लुजामाइड (एसडीएचआई ग्रुप) जो कि  माइट्रोकांड्रिया के अंदर सक्सेनेट डिहाइड्रोजनेज एंजाइम के निर्माण को रोक देता है, जिससे फफूंद में श्वसन क्रिया रुक जाती है  एवं  डाईफेनोकोनाज़ोल (ट्राइजोल ग्रुप) जो  कि  स्टेरोल बायोसेंथेसिस इन्हिबिटर है, जो कि फफूंद की कोशिका की टर्गिडिटी को मेंटेन रखने के लिए जरूरी घटक होता है, जिसके कारण फफूंद पौधे की सैल वॉल (कोशिका भित्ति) को पार नहीं कर पाती है और इन्फेक्शन रूक जाता है। आपने उत्पाद के बेहतर परिणाम के लिए इसकी सही मात्रा (150- 200 मिली/एकड़) और पानी की मात्रा  200  लीटर  उपयोग करने की सलाह दी। अधिक जानकारी के लिए सम्पर्क करें -डॉ  सत्येंद्र पटेल  8770391036  ।

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