सहकारी साख आन्दोलन में अपेक्स बैंक की अग्रणी भूमिका

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19 जुलाई 2021, भोपाल । सहकारी साख आन्दोलन में अपेक्स बैंक की अग्रणी भूमिका – मध्यप्रदेश के सहकारी साख आन्दोलन को सफल बनाने में ”समन्वयकÓÓ की भूमिका के रूप में प्रदेश स्तर पर म.प्र. राज्य सहकारी बैंक अपनी 24 शाखाओं एवं जिला स्तर पर 38 जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों तथा प्राथमिक स्तर पर अपनी 4523 पैक्स (प्राथमिक सहकारी साख समितियों) के माध्यम से कृषि एवं सहकारी क्षेत्र से जुड़े लोगों के जनकल्याण के लिये सहकारी भावना से समर्पित होकर निरन्तर कार्य कर रहा है एवं सहकारी साख के सतत् विस्तार के लिये भारतीय रिजर्व बैंक, नाबार्ड एवं म.प्र. शासन के सहकारिता विभाग के दिशा-निर्देशों से सहकारिता क्षेत्र को सुदृढ़ व पारदर्शी बनाने की दिशा में निरन्तर प्रयासरत हैं। ‘सहकारिता विभागÓ के नोडल एजेंसी बनने पर ‘समन्वयकÓ के रूप में अपेक्स बैंक द्वारा जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों एवं प्राथमिक सहकारी समितियों के माध्यम से ऋण वितरण एवं विभिन्न कृषि आदानों का वितरण, सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत उपभोक्ता सामग्री वितरण यथा केरोसीन, खाद्यान्न का वितरण भी संपूर्ण प्रदेश में किया जाता है।

उपार्जन कार्य में अग्रणी भूमिका

कृषकों की फसल का उचित मूल्य पर उपार्जन भी किया जा रहा है। कोविड-19 महामारी में लॉक डाउन होने के बावजूद सहकारी समितियों ने विषम परिस्थतियों में गेहूँ का लगभग 4500 केन्द्रों पर उपार्जन किया तथा ‘मध्यप्रदेशÓ पहली बार देश में ‘प्रथमÓ पायदान पर पहुँचा, जबकि गतवर्षों में पंजाब व अन्य राज्य आगे रहा करते थे।

रिकॉर्ड खरीदी

मध्यप्रदेश शासन के निर्देशानुसार अपेक्स बैंक द्वारा ‘समन्वयकÓ के रूप में मध्यप्रदेश में सहकारी समितियों के माध्यम से गेहूँ, चना, सरसों एवं मसूर की खरीदी का रिकॉर्ड बनाते हुये वर्ष 2020-21 में 1 करोड़ 29 लाख टन गेहूँ के साथ 8 लाख 23 हजार टन चना, सरसों और मसूर की भी खरीदी की गई। लगभग 17 हजार उचित मूल्य दुकानों के माध्यम से सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत ग्रामीणों को खाद्यान्न का वितरण किया गया।

वर्ष 2020-21 में समर्थन मूल्य अन्तर्गत कुल 1424 उपार्जन केन्द्रों के माध्यम से 589306 किसानों से 37.26 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई, जो कि पिछले वर्षों की तुलना में धान की रिकॉर्ड खरीदी रही है।

वर्ष 2021-22 में समर्थन मूल्य अन्तर्गत गेहूँ की खरीदी उपार्जन केन्द्रों पर की गई है। किसानों की सुरक्षा के लिये कोविड सुरक्षा उपायों को सुनिश्चित करने के अलावा उनकी सुविधाओं हेतु इस वर्ष मेकेनाइज्ड ग्रेन क्लीनिंग एवं गे्रडिंग मशीनों की भी व्यवस्था चिन्हित उपार्जन केन्द्रों पर की गई, ताकि किसानों से मानक क्वालिटी का गेहूँ खरीदा जा सके।

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