कृषि कंपनी समाचार (Industry News)

इनेरा क्रॉप साइंस और क्रॉपएनएक्सटी सॉल्यूशंस ने पांच राज्यों में जैविक कृषि इनपुट्स के विस्तार के लिए साझेदारी की

कंपनियों का दावा: 5,000 से अधिक चैनल पार्टनर्स के जरिए 65 लाख किसानों तक पहुंचने, 20 लाख एकड़ क्षेत्र में जैविक कृषि इनपुट्स के उपयोग को बढ़ावा देने और लगभग ₹500 करोड़ के कारोबार की संभावना

30 जून 2026, नई दिल्ली: इनेरा क्रॉप साइंस और क्रॉपएनएक्सटी सॉल्यूशंस ने पांच राज्यों में जैविक कृषि इनपुट्स के विस्तार के लिए साझेदारी की – इनेरा क्रॉप साइंस (INERA Crop Science) और क्रॉपएनएक्सटी सॉल्यूशंस (CropNXT Solutions) ने उत्तर प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड और ओडिशा में जैविक कृषि इनपुट्स की पहुंच बढ़ाने के लिए बहुवर्षीय साझेदारी की घोषणा की है। इस साझेदारी के तहत इनेरा के जैविक कृषि उत्पादों को क्रॉपएनएक्सटी के वितरण नेटवर्क के माध्यम से किसानों तक पहुंचाया जाएगा।

कंपनियों के अनुसार, इस साझेदारी से लगभग ₹500 करोड़ के कारोबार की संभावना है, जो भारत में जैविक कृषि इनपुट्स की बढ़ती मांग पर आधारित है।

साझेदारी की शुरुआत उत्तर प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड और ओडिशा से की जाएगी। कंपनियों का कहना है कि इन राज्यों में धान, मक्का और सब्जियों की खेती बड़े पैमाने पर होती है और यहां ऐसे कृषि समाधानों की आवश्यकता बढ़ रही है, जो संसाधनों के बेहतर उपयोग के साथ उत्पादन बढ़ाने में मदद करें।

कंपनियों के मुताबिक, किसानों को आज बढ़ती खेती लागत, अनिश्चित मौसम, मिट्टी की घटती गुणवत्ता, पानी की कमी और कीट-रोगों के बढ़ते दबाव जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में जैविक कृषि इनपुट्स मिट्टी के प्राकृतिक सूक्ष्मजीवों और पौधों की जैविक प्रक्रियाओं के साथ मिलकर पोषक तत्वों के बेहतर उपयोग, फसल की मजबूती और मिट्टी के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में योगदान दे सकते हैं।

इस साझेदारी के तहत इनेरा क्रॉप साइंस अपनी जैविक उत्पाद श्रृंखला उपलब्ध कराएगी, जबकि क्रॉपएनएक्सटी सॉल्यूशंस अपने वितरण नेटवर्क, रिटेलर नेटवर्क और किसान संपर्क कार्यक्रमों के माध्यम से इन उत्पादों को किसानों तक पहुंचाएगी।

इनेरा क्रॉप साइंस के संस्थापक अगम खरे ने कहा, “जलवायु परिवर्तन का असर अब भारतीय किसानों के खेतों में साफ दिखाई देने लगा है। बढ़ती गर्मी, कीटों का बढ़ता प्रकोप और खेती की लागत किसानों के लिए बड़ी चुनौती बन रहे हैं। हमारा मानना है कि विज्ञान आधारित जैविक समाधान खेती को अधिक लाभदायक, टिकाऊ और पुनर्योजी बना सकते हैं। क्रॉपएनएक्सटी के साथ यह साझेदारी इसी सोच को बड़े स्तर पर किसानों तक पहुंचाने की दिशा में एक कदम है। हमारा उद्देश्य भारत से शुरुआत करते हुए पुनर्योजी कृषि (Regenerative Agriculture) को बढ़ावा देना है।”

क्रॉपएनएक्सटी सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक अजीत सिंह चहल ने कहा, “क्रॉपएनएक्सटी ने पूर्वी भारत में एक मजबूत कृषि वैल्यू चेन नेटवर्क तैयार किया है। इस साझेदारी के माध्यम से हम अपने किसान और चैनल नेटवर्क तक विज्ञान आधारित जैविक कृषि उत्पाद पहुंचा सकेंगे। ये ऐसे समाधान हैं जो आज की जरूरतों के साथ भविष्य की कृषि के लिए भी महत्वपूर्ण हैं।”

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