एल नीनो के बीच फसल निगरानी और कीट प्रबंधन पर जोर दे जिला योजनाएं : क्रॉपलाइफ इंडिया
30 जून 2026, नई दिल्ली: एल नीनो के बीच फसल निगरानी और कीट प्रबंधन पर जोर दे जिला योजनाएं : क्रॉपलाइफ इंडिया – खरीफ की बुवाई 119 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में होने के बाद अब एल नीनो का असर केवल मौसम का अनुमान नहीं, बल्कि खेतों की वास्तविक चुनौती बनता जा रहा है। क्रॉपलाइफ इंडिया के महासचिव श्री दुर्गेश चंद्र ने कहा कि अनिश्चित और असमान वर्षा की स्थिति में सबसे बड़ा सवाल यह है कि किसानों को समय पर वैज्ञानिक सलाह और तकनीकी सहायता कितनी प्रभावी ढंग से मिल रही है।

उन्होंने बताया कि भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने इस वर्ष मानसूनी वर्षा का अनुमान दीर्घकालिक औसत (LPA) का 90 प्रतिशत लगाया है। वहीं केंद्र सरकार ने 315 जिलों को कमजोर मानसून के प्रति संवेदनशील माना है, जिनमें 111 जिले उच्च प्राथमिकता वाले हैं। इन क्षेत्रों में सिंचाई का दायरा सीमित होने के कारण वर्षा में देरी या असमान वितरण से फसल की प्रारंभिक बढ़वार प्रभावित होने के साथ कीट एवं रोगों का खतरा भी बढ़ सकता है।
श्री चंद्र ने कहा कि Nature Food (2025) में प्रकाशित एक अध्ययन में चीन की धान फसलों में ENSO (एल नीनो) से जुड़ी उपज हानि का संबंध कीट एवं रोगों के बढ़ते प्रकोप से पाया गया है। हालांकि यह अध्ययन सीधे भारतीय परिस्थितियों पर लागू नहीं होता, लेकिन इससे यह संकेत अवश्य मिलता है कि जलवायु परिवर्तन और कीट-रोग प्रबंधन को अलग-अलग नहीं, बल्कि एकीकृत दृष्टिकोण से देखने की आवश्यकता है।
उन्होंने सुझाव दिया कि जिला स्तर की कृषि योजनाओं में नियमित फील्ड स्काउटिंग, फसल की अवस्था के अनुसार सलाह, कीट निगरानी तथा आर्थिक क्षति स्तर (Economic Threshold Level-ETL) के आधार पर फसल संरक्षण उपायों को शामिल किया जाए। इससे किसान समय पर और सुरक्षित तरीके से फसल संरक्षण उपाय अपनाकर संभावित नुकसान को कम कर सकेंगे।
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