कृषि कंपनी समाचार (Industry News)

फसल बीमा कंपनियों की चांदी

(विशेष प्रतिनिधि)
भोपाल। केन्द्र सरकार की 2016 से लागू प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से किसानों को भले ही लाभ न हुआ हो, पर बीमा कंपनियों की पौ बारह है।
गत सप्ताह विधानसभा में बैहर (बालाघाट) के विधायक श्री संजय उइके के प्रश्न के उत्तर में कृषि मंत्री श्री गौरीशंकर बिसेन ने बताया कि खरीफ 2016 में फसल बीमे का कुल प्रीमियम 2850 करोड़ रु. इकट्ठा हुआ वहीं किसानों की 1686 करोड़ रु. की दावा राशि वितरित की गई। याने बीमा कंपनियों को शुद्ध रूप से 1164 करोड़ रु. की बचत हुई।
विधायक श्री संजय उइके के विस्तृत प्रश्न के उत्तर में कृषि मंत्री ने परिशिष्ट में जानकारी दी कि प्रदेश में फसल बीमा क्षेत्र में कार्यरत 3 कंपनियों द्वारा एकीकृत कुल प्रीमियम इस प्रकार है-

एचडीएफसी इरगो – 396.25 करोड़

आईसीआईसी आई लोम्बार्ड – 857.02 करोड़

एआईसीएल – 1597.00 करोड़
2850.27 करोड़
वहीं दावों का भुगतान एक वर्ष बाद अगस्त 2017 में किया गया। आप स्वयं अंदाजा लगा सकते हैं कि फसल नष्ट होने के एक वर्ष बाद यदि मुआवजा किसान को मिलेगा तो उसका क्या उपयोग वो दीन-हीन- मलीन किसान कर पाएगा। वैसे विधान सबा में दिए उत्तर में स्पष्ट नहीं है कि वास्तविक रूप से कितना मुआवजा मिला है
आश्चर्यजनक रूप से सबसे ज्यादा दावा राशि का वितरण विदिशा जिले में 403 करोड़ रु., सागर जिले में 226.51 करोड़, अशोक नगर जिले में 144.52 करोड़ रु. हुआ है। इसी के साथ भोपाल जिले में 29 हजार किसानों को 49.72 करोड़ रु. दावा राशि बांटी गई पर इन्दौर में केवल 1171 किसानों को 3.09 करोड़ रु. दावा राशि का वितरण किया गया।

 फसल बीमा राशि वितरण खरीफ 2016- एक नजर में                                                 (राशि करोड़ रु. में)   
कंपनीबीमा कृषकबीमित राशिकृषक अंशराज्यांश राशिकेन्द्रांश राशिकुल प्रीमियममुआवजा पाने वाले कृषकदावा राशि
एचडीएफसी इरगो5239842923.258.46168.89168.89396.25339805840.4
आईसीआईसीआई लोम्बार्ड8256135223.12104.6376.21376.21857.0292712130.33
एआईसी24982229501.05212692.52692.521597386950715.41
कुल योग384781917647.43751237.61237.62850.278194671686.14

 698 करोड़ की प्याज सरकार ने खरीदी

गत वर्ष प्याज के पाताल जाते दामों पर सरकार ने हस्तक्षेप कर किसान आंदोलन और मंदसौर गोलीकांड के बाद किसानों से 8 रु. किलो पर प्याज खरीदी की थी। प्रदेश के 1 लाख 53 हजार 685 प्याज किसानों से 698 करोड़ 83 लाख रु. की प्याज खरीदी की गई थी और उस पर लगभग 10 करोड़ की हम्माली, तुलाई का खर्च आया था।यह जानकारी गत सप्ताह विधानसभा में सहकारिता राज्यमंत्री श्री विश्वास सारंग ने विधायक श्री रामनिवास रावत के प्रश्न के जवाब में दी।