उद्यानिकी क्षेत्र में सीहोर की बड़ी छलांग, 2025-26 में उत्पादन 7 लाख मीट्रिक टन के पार
08 जनवरी 2026, सीहोर: उद्यानिकी क्षेत्र में सीहोर की बड़ी छलांग, 2025-26 में उत्पादन 7 लाख मीट्रिक टन के पार – मध्यप्रदेश के सीहोर जिले में उद्यानिकी क्षेत्र लगातार विस्तार की ओर अग्रसर है। वर्ष 2024-25 की तुलना में 2025-26 के लिए प्रस्तावित आँकड़ों में फल, सब्जी, मसाला, पुष्प एवं औषधीय फसलों के रकबे के साथ-साथ उत्पादन में भी वृद्धि दर्ज की गई है। इससे किसानों की आय बढ़ने और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
उद्यानिकी विभाग के आँकड़ों के अनुसार जिले में वर्ष 2024-25 में उद्यानिकी फसलों का कुल रकबा 45560.77 हेक्टेयर रहा, जिसे वर्ष 2025-26 में बढ़ाकर 46496.77 हेक्टेयर करना प्रस्तावित है। इसी तरह कुल उत्पादन 689950.5 मीट्रिक टन से बढ़कर 709837.12 मीट्रिक टन तक पहुँचने का अनुमान है। फल फसलों के अंतर्गत आम, अमरूद, आँवला और सीताफल प्रमुख हैं। फल क्षेत्र का रकबा 8449.67 हेक्टेयर से बढ़कर 8720.67 हेक्टेयर हो गया है। फल उत्पादन भी 186368.15 मीट्रिक टन से बढ़कर 192345.39 मीट्रिक टन होने की संभावना है।
सब्जी उत्पादन में भी जिले ने अच्छी प्रगति की है। प्याज, टमाटर, मटर एवं अन्य सब्जियों के अंतर्गत रकबा 21923.8 हेक्टेयर से बढ़कर 22223.8 हेक्टेयर हुआ है। सब्जी उत्पादन 410479.3 मीट्रिक टन से बढ़कर 416096.2 मीट्रिक टन होने का अनुमान है।
इसके अलावा मसाला फसलें जैसे लहसुन, धनिया और मिर्च का रकबा 13153.3 हेक्टेयर से बढ़कर 13463.3 हेक्टेयर हो गया है। पुष्प फसलों (गेंदा, गुलाब) और औषधीय फसलों (अश्वगंधा, तुलसी, सफेद मूसली) के क्षेत्र में भी आंशिक विस्तार दर्ज किया गया है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि शासन की योजनाओं, आधुनिक तकनीकों और किसानों को दिए जा रहे प्रोत्साहन के चलते उद्यानिकी क्षेत्र में यह सकारात्मक बदलाव संभव हुआ है। आने वाले समय में इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और जिले की पहचान एक मजबूत उद्यानिकी क्षेत्र के रूप में स्थापित होगी।
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