टमाटर उत्पादन में नीदरलैंड करेगा तकनीकी सहयोग

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इंटरनेशनल टॉमेटो कान्क्लेव-2022

18 मई 2022, भोपाल । टमाटर उत्पादन में नीदरलैंड करेगा तकनीकी सहयोग – म.प्र. में टमाटर का उत्पादन बढ़ाने के लिए नीदरलैंड तकनीकी सहयोग करेगा। इसके लिए प्रदेश में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) के तहत एक जिला एक उत्पाद योजना में 11 जिलों का चयन टमाटर के लिए किया गया है। इन जिलों में क्षेत्र विस्तार, उत्पादन वृद्धि के साथ-साथ भण्डारण, विपणन, निर्यात एवं प्रसंस्करण की संभावनाओं के मद्देनजर नीदरलैंड की संस्था सॉलीडरीडाड एवं म.प्र. उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग ने भोपाल में इंटरनेशनल टॉमेटो कान्क्लेव का आयोजन किया। जिसे म.प्र. के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान, केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर एवं प्रदेश के उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री श्री भारत सिंह कुशवाहा ने वर्चुअली सम्बोधित किया।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि उद्यानिकी फसलों के विस्तार के लिए केन्द्र शासन द्वारा संचालित योजनाओं के साथ फल, पौध-रोपण, व्यावसायिक उद्यानिकी फसलों की संरक्षित खेती को प्रोत्साहन, उद्यानिकी के विकास के लिए यंत्रीकरण को प्रोत्साहन, मसाला क्षेत्र विस्तार, खाद्य प्र-संस्करण उद्योगों के विकास, मुख्यमंत्री बागवानी तथा खाद्य प्र-संस्करण और उद्यानिकी फसलों के लिए कोल्ड स्टोरेज अधो-संरचना विकास के लिए योजनाएँ चलाई जा रही हैं। प्रदेश में कृषि उत्पादन की लागत घटाने, कृषक को उपज का उचित मूल्य दिलाने, बेहतर बाजार व्यवस्था स्थापित करने और प्राकृतिक आपदा में कृषक को पर्याप्त सहायता उपलब्ध कराकर खेती को लाभ का धंधा बनाने के लिए प्रभावी कार्य जारी हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 11 विविध कृषि जलवायु क्षेत्र हैं। राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न फसलों के उत्पादन में मध्यप्रदेश अग्रणी स्थान पर है। संतरा और धनिया बीज उत्पादन में प्रदेश, देश में प्रथम है। साथ ही अमरूद, टमाटर, प्याज, फूलगोभी, हरी मिर्च, मटर, लहसुन, नींबू आदि के उत्पादन में मध्यप्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में है।  श्री चौहान ने कहा कि वे स्वयं किसान हैं और अमरूद, अनार, आम की पैदावार लेते हैं।  उनके द्वारा 9 एकड़ क्षेत्र में 766 टन टमाटर की पैदावार ली गई। किसानों के आर्थिक संबल के लिए कृषि का विविधीकरण आवश्यक है।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने ‘एक जिला-एक उत्पाद’ में प्रधानमंत्री सूक्ष्म, खाद्य, उद्योग उन्नयन योजना में टोमेटो सॉस इकाई की स्थापना के लिए सिंगरौली के श्री लवकुश प्रजापति को 10 लाख 80 हजार रूपए, दमोह के श्री नारायण सिंह को 11 लाख 46 हजार रूपए और दमोह के ही श्री भूपेंद्र सिंह ठाकुर को टमाटर प्र-संस्करण के लिए 26 लाख 60 हजार रूपए का चेक प्रदान किया।

नीदरलैण्ड के राजदूत श्री मार्टिन बेन डेनवर्ग ने कहा कि किसानों को फसलों के उत्पादन से जुड़ी नई तकनीक का ज्ञान देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि भारत के साथ नीदरलैण्ड की पिछले 75 वर्षों से क्लोज फ्रेण्डशिप है। उन्होंने कहा कि इंटरनेशनल टोमेटो कॉनक्लेव-2022 से टमाटर उत्पादन में किसानों को लाभ मिलेगा। श्री डेनवर्ग ने कहा दोनों देश साथ-साथ काम करेंगे। नीदरलैण्ड की उन्नत तकनीक के प्रचार-प्रसार एवं अनुसंधान के लिए टॉमेटो सेन्टर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने की योजना पर भी कार्य होगा।

टमाटर के लिए चयनित जिले– म.प्र. में 90971 हेक्टेयर में टमाटर का लगभग 26 लाख 55 हजार टन उत्पादन लिया जा रहा है। प्रदेश की जलवायु टमाटर उत्पादन के लिए अनुकूल है। एक जिला एक उत्पाद योजना के तहत रायसेन, अशोक नगर, दमोह, कटनी, झाबुआ, सागर, सतना, शिवपुरी, दतिया, सिंगरौली एवं अनूपपुर जिले का चयन किया गया है।

प्रारंभ में कृषि उत्पादन आयुक्त श्री शैलेन्द्र सिंह ने उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों से कहा कि किसानों को सरल और सहज भाषा में उनकी आवश्यकताओं के लिये संचालित योजनाओं की जानकारी दें।  अपर मुख्य सचिव उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण श्री जे.एन. कंसोटिया  ने  आभार माना . साथ ही  उद्यानिकी आयुक्त श्री ई. रमेश कुमार ने कॉन्क्लेव की रूपरेखा से अवगत कराया ।

नीदरलैण्ड की तुलना में भारत में टमाटर की उत्पादकता कम है इसलिए सालीडरीडाड संस्था के माध्यम से नीदरलैण्ड में उपलब्ध तकनीकों का आदान-प्रदान होगा, जिससे टमाटर किसानों के लिए उत्पादन, प्रसंस्करण, निर्यात की संभावनाएं बढ़ेंगी। इस अवसर पर एमपी एग्रो के अध्यक्ष श्री एदल सिंह कंसाना, प्रबंध संचालक श्री राजीव जैन, राजमाता सिंधिया कृषि वि.वि. के कुलपति डॉ. एस.के. राव सहित उद्यानिकी अधिकारी एवं कृषकगण उपस्थित थे।

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