उद्यानिकी (Horticulture)

मिर्च पर मोजेक रोग

वैज्ञानिकों ने बताए उपाय

Advertisement1
Advertisement

टीकमगढ़। कृषि विज्ञान केंद्र टीकमगढ़ के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. बी. एस. किरार, वैज्ञानिक डॉ. आर. के. प्रजापति, डॉ. एस.के. सिंह, डॉ. एस. के. खरे, डॉ. यू. एस. धाकड़ एवं डॉ. आई. डी. सिंह द्वारा विगत दिवस गांव नन्दनपुर एवं नादिया में सब्जी उत्पादक कृषकों के खेतों पर मिर्च फसल का डायग्नोस्टिक भ्रमण किया गया। मिर्च के पौधों पर लीफ कर्ल तथा मोजेक और एन्थ्रेक्नोज रोग के लक्षण देखे गये। पर्ण कुंचन रोग से पौधों की ऊपरी पत्तियां छोटी एवं सिकुड़ जाती हैं, मोजेक रोग से पत्तियां पीली पड़ जाती हैं एवं एन्थ्रेक्नोज रोग से पत्तियों पर भूरे काले धब्बे बन जाते हैं और रोग का आक्रमण बढऩे से पूरी पत्तियां काली पड़कर झड़ जाती हैं। मोजेक और पर्ण कुंचन रोग के नियंत्रण हेतु एसीफेट 75 प्रतिशत एसपी या थायोमेथाक्जाम 25 प्रतिशत डब्ल्यूजी या इमिडाक्लोरोप्रिड 17.8 प्रतिशत एसएल दवा का छिड़काव करें। एन्थ्रेक्नोज तथा फल विगलन रोग की रोकथाम के लिए ब्लाइटॉक्स 50 या मेंकोजेब 75 प्रतिशत डब्ल्यूजी का घोल बनाकर 12-15 दिन के अंतराल से दो बार छिड़कें।

Advertisements
Advertisement3
Advertisement
Advertisements
Advertisement5
Advertisement