कोडेक्स ने लौंग, तुलसी, अदरक के लिए मानक तय किए

व्हाट्सएप या फेसबुक पर शेयर करने के लिए नीचे क्लिक करें

30 अप्रैल 2021, नई दिल्ली । कोडेक्स ने लौंग, तुलसी, अदरक के लिए मानक तय किए – मसाले और खाने में इस्तेमाल होने वाली जड़ी-बूटी पर गठित कोडेक्स समिति (सीसीएससीएच) ने लौंग, ओरगैनो, तुलसी और अदरक के लिए गुणवत्ता मानकों को अंतिम रूप देकर उसे लागू करने के लिए सिफारिश कर दी है। समिति का पांचवा सत्र गत सप्ताह  वर्चुअल माध्यम से आयोजित किया गया। । समिति ने इन 4 मसालों के लिए अंतिम 8 चरण में बनाए गए नए मानक को कोडेक्स एलेमेंट्रिस कमीशन के पास अंतिम मंजूरी और उसको लागू करने के लिए भेज दिया है। जिससे पूर्ण रुप से कोडेक्स मानक तैयार हो जाएं।

समिति ने निम्नलिखित नई वस्तुओं पर भी विचार किया है। इसके तहत छोटी इलायची और हल्दी के लिए कोडेक्स मानकों को विकसित करना और ‘सूखे फल और जामुन’ श्रेणी के अंतर्गत आने वाले मसालों के लिए पहला समूह मानक विकसित करना है। इस बार समिति के 5वें सत्र को कोविड -19 महामारी के कारण पहली बार वर्चुअल माध्यम में आयोजित किया गया।

मासाल बोर्ड के सचिव और आईएफएस श्री डी. सत्यन ने भारत में हुए इस वर्चुअल सत्र के जरिए कोडेक्स के तहत तकनीकी सम्मेलनों को नए तरीके से पेश किया है। सीसीएससीएच के वर्तमान सत्र में 65 सदस्य देश, एक सदस्य संगठन (यूरोपीय संघ) और 11 अंतर्राष्ट्रीय पर्यवेक्षक संगठनों के 275 प्रतिभागियों ने भाग लिया जो अभी तक कि अधिकतम भागीदारी है।

भारत ने की अध्यक्षता

सीसीएसीएच कोडेक्स कमोडिटी समितियों में सबसे नई है। समिति भारत की अध्यक्षता में है और मसाला बोर्ड भारत इसका सचिवालय है। इस समिति को उपभोक्ता संरक्षण और कोडेक्स सिद्धांतों के अनुसार, दुनिया भर में मसाले और खाने-पीने में इस्तेमाल होने वाली जड़ी बूटियों के लिए विज्ञान-आधारित गुणवत्ता मानकों को तैयार करने का अधिकार दिया गया है। डॉ एम आर सुदर्शन समिति के वर्तमान अध्यक्ष हैं। आम तौर पर समिति की बैठकें 18 महीने में एक बार होती हैं। सीसीएससीएच की अंतिम बैठक 2019 में त्रिवेंद्रम में आयोजित की गई थी। अपने पिछले चार सत्रों में, समिति ने काली / सफेद / हरी मिर्च, जीरा, अजवायन के फूल, और सूखे लहसुन के मानक तैयार किए ।

सीसीएससीएच और सीएसी के बारे में

मसाले और खाने-पीने की जड़ी बूटियों के लिए दुनिया भर में मानकों का विकास और विस्तार करने के लिए, और मानकों के विकास की प्रक्रिया में अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ परामर्श करने के लिए 2013 में सीसीएससीएच का गठन भारत के साथ 100 से अधिक देशों के समर्थन के साथ किया गया था। 1963 में स्थापित कोडेक्स एलेमेंट्रिस कमीशन (सीएसी) संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन (एफएओ) और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डबल्यूएचओ) द्वारा संयुक्त रूप से स्थापित एक अंतर-सरकारी निकाय है। जो खाद्य व्यापार में बेहतर मानक सुनिश्चित करने और लोगों के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए संयुक्त खाद्य सुरक्षा कार्यक्रम के ढांचे के तहत स्थापित हुआ है।

व्हाट्सएप या फेसबुक पर शेयर करने के लिए नीचे क्लिक करें
Advertisements

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *