सोयाबीन की बुवाई के बाद तुरंत करें ये 5 काम, तना मक्खी और खरपतवार से बचेगी फसल
09 जुलाई 2026, नई दिल्ली: सोयाबीन की बुवाई के बाद तुरंत करें ये 5 काम, तना मक्खी और खरपतवार से बचेगी फसल – खरीफ सीजन में सोयाबीन की बुवाई के बाद शुरुआती 10 से 15 दिन फसल की अच्छी बढ़वार के लिए सबसे महत्वपूर्ण माने जाते हैं। इस दौरान यदि खरपतवार नियंत्रण, पौधों की संख्या बनाए रखने और कीट प्रबंधन पर ध्यान नहीं दिया जाए तो उत्पादन प्रभावित हो सकता है। भारतीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान (ICAR-IISR) की 6 से 12 जुलाई 2026 की साप्ताहिक एडवाइजरी में किसानों को बुवाई के बाद किए जाने वाले जरूरी कृषि कार्यों की सलाह दी गई है।
1. 10-15 दिन बाद करें खरपतवार नियंत्रण
वैज्ञानिकों के अनुसार, जिन खेतों में सोयाबीन की बुवाई हो चुकी है और फसल 10 से 15 दिन की हो गई है, वहां खरपतवार नियंत्रण पर विशेष ध्यान देना चाहिए। किसान हाथ से निराई-गुड़ाई, डोरा या कुल्पा चलाकर खरपतवार हटा सकते हैं। आवश्यकता होने पर सोयाबीन के लिए अनुशंसित पोस्ट-इमर्जेंस खरपतवारनाशी का भी छिड़काव किया जा सकता है।
छिड़काव के दौरान पर्याप्त पानी का उपयोग करना जरूरी है। नेपसैक स्प्रेयर से 450 से 500 लीटर प्रति हेक्टेयर तथा पावर स्प्रेयर से 120 से 150 लीटर प्रति हेक्टेयर पानी का उपयोग करें। बेहतर परिणाम के लिए फ्लड जेट या फ्लैट फैन नोजल का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है।
2. खाली जगह पर करें गैप फिलिंग
यदि खेत में कहीं पौधों का अंकुरण कमजोर रहा है या कुछ स्थान खाली रह गए हैं, तो किसान तुरंत गैप फिलिंग करें। जरूरत पड़ने पर दोबारा बुवाई भी की जा सकती है। इससे खेत में पौधों की उचित संख्या बनी रहती है और उत्पादन पर नकारात्मक असर नहीं पड़ता।
3. तना मक्खी के प्रकोप पर रखें नजर
एडवाइजरी के अनुसार, इस समय सोयाबीन की फसल में तना मक्खी (Stem Fly) का प्रारंभिक प्रकोप शुरू होने की संभावना रहती है। जैसे ही इसके लक्षण दिखाई दें, किसान थायमेथोक्साम 12.60% + लैम्ब्डा सायहेलोथ्रिन 9.50% ZC का 125 मिलीलीटर प्रति हेक्टेयर की दर से छिड़काव करें। समय पर नियंत्रण करने से फसल को नुकसान से बचाया जा सकता है।
4. कीट प्रबंधन के लिए गेंदा और सुवा लगाएं
वैज्ञानिकों ने किसानों को सलाह दी है कि जहां संभव हो, खेत के किनारों, खाली जगहों या बीबीएफ (BBF) और रिज-फरो पद्धति से बनी नालियों में सुवा (डिल) या गेंदा (मैरीगोल्ड) की बुवाई करें। ये पौधे हानिकारक कीटों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं, जिससे सोयाबीन की मुख्य फसल पर उनका प्रकोप कम करने में मदद मिलती है।
5. फसल की नियमित निगरानी करें
विशेषज्ञों का कहना है कि बुवाई के बाद शुरुआती दिनों में खेत का नियमित निरीक्षण करना बेहद जरूरी है। यदि कहीं खरपतवार, कीट या पौधों की कमी दिखाई दे तो तुरंत आवश्यक उपाय अपनाएं। समय पर प्रबंधन करने से फसल स्वस्थ रहती है और बेहतर उत्पादन मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़, व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture

