टैग के 20 के सफलता की कहानी किसान की जुबानी

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17 दिसम्बर 2022, बेमेतरा ।  टैग के 20 के सफलता की कहानी किसान की जुबानी – मेरा नाम अनिल कुमार साहू है। मैं ग्राम -बारगाँव, तहसील – बेरला, जिला – बेमेतरा (छ.ग.) का निवासी हूँ। मैंने टैग के 20 का उपयोग धान की फसल में मिल्किंग अवस्था अर्थात बाली निकलने से पूर्व आधा एकड़ में किया था। जिसका परिणाम बहुत ही बेहतर प्राप्त हुआ है। टैग के 20 के प्रयोग के 30 दिन बाद जब मेरे धान के खेत में लगभग सभी बालियाँ निकल चुकी थी उसी समय से मुझे अपनी धान की फसल में पिछले साल की अपेक्षा अच्छे परिणाम दिखने शुरू हो गये थे। जैसे बालियों की लंबाई, दानों की संख्या, बालियों में अत्याधिक चमक और संपूर्ण दानों का भराव मैंने अपनी धान की फसल में पाया । मेरी अंतिम शंका उस समय दूर हुई जब धान की बालियाँ पूर्ण रूप से पक चुकी थी जिससे मुझे इन सभी के परिणामस्वरूप मेरी धान का बजन अधिक प्राप्त हुआ। जब मैनें यह परिणाम के 20 उत्पाद वाली कम्पनी ट्रॉपिकल एग्रोसिस्टम इं. प्रा. लि. के अधिकारीगणों को बताया तो उन्होने मेरे धान के खेत का दौरा किया और बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने 5 बालियाँ के 20 उपयोग वाले क्षेत्र से ली एवं 5 बालियाँ अनुपयोग वाले क्षेत्र से लेकर दोनों की तुलना की जिसमें के 20 उपयोग वाले क्षेत्र की बालियाँ अनुपयोग क्षेत्र वाली बालियों से 4 से.मी. ज्यादा लंबी थी। यदि दानों की बात की जाये तो के-20 उपयोग क्षेत्र वाली 5 बालियों में 27 ग्राम वजन था व दानों की संख्या 4443 थी जबकि अनुपयोग वाले क्षेत्र की 5 बालियों का वजन 22 ग्राम व दानों की संख्या 927 थी। इन तथ्यों के आधार पर मैने कम्पनी के प्रतिनिधियों को वीडियो के माध्यम से बताया कि इस वर्ष मेरे धान की फसल पिछले साल की तुलना में अधिक हरी भरी व स्वस्थ है और उत्पादन भी पिछले वर्ष की तुलना में आधा एकड़ की धान की फसल में 2 कि.ग्रा. ज्यादा प्राप्त हुआ।

अंत में, मैं टेग के 20 उत्पाद वाली कम्पनी ट्रॉपिकल एग्रोसिस्टम इं. प्रा. लि. चैन्नई को व कम्पनी के अधिकारीगणों को धन्यवाद देना चाहूँगा जिन्होंने मुझे सही मार्गदर्शन देकर मेरे धान के उत्पादन को बढ़ाने में सहयोग किया ।

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