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धानुका के नए फफूंदीनाशक किरारी और निसोडियम

10 सितंबर 2020, नई दिल्ली । धानुका के नए फफूंदीनाशक किरारी और निसोडियम – कृषि क्षेत्र की प्रतिष्ठित कंपनी धानुका एग्रीटेक लिमिटेड ने अंगूर, मिर्च और आलू फसल पर लगने वाली  डाउनी मिल्ड्यू और पाउडरी मिल्ड्यू बीमारियों से चिंतित किसानों के लिए समाधान के रूप में  दो नए फफूंदी नाशक किरारी और निसोडियम उपलब्ध कराए हैं. जापान में संशोधित एवं बहुप्रतीक्षित फफूंदीनाशक इन उत्पादों के डिजिटल लोकार्पण के अवसर पर धानुका ग्रुप के अध्यक्ष श्री आर. जी. अग्रवाल, प्रबंध संचालक श्री एम. के. धानुका, विपणन संचालक श्री राहुल धानुका,  निसान केमिकल कॉरपोरेशन के श्री जी. सातोंसान, डॉ राजकुमार यादव , निप्पोन सोडा कं. के श्री कानामूरी सान , डॉक्टर सजल बिस्वास ,नेशनल सेल्स मैनेजर श्री पवन सरावगी  और राष्ट्रीय मार्केटिंग मैनेजर श्री पार्थो सेनगुप्ता भी उपस्थित थे ।

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इस मौके पर श्री आर. जी. अग्रवाल ने किसानों को भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने के लिए किसानो को एकजुट हो कर कार्य करने का आव्हान करते हुए कहा कि ‘जल संचयन और जल संवर्धन’ यह समय की मांग है इसका भी हमें ध्यान रखना जरूरी है ।श्री सरावगी ने कहा- किरारी और निसोडियम अंगूर के किसानों के लिए एक “मील का पत्थर” सिद्ध होंगे । श्री पार्थ सेनगुप्ता ने कहा कि जापान रसायनो के क्षेत्र में अनुसंधान के लिए विश्व में अग्रणी है और हमें खुशी है कि यह दोनों उत्पाद हम हमारे जापानी सहयोगी कंपनियों की सहायता से भारतीय किसानों के लिए उपलब्ध करा रहे हैं । विषय वस्तु विशेष श्री घनश्याम इंगले ने कहा कि इन 2 उत्पादों से भारतीय अंगूरकी कृषि को एक नई दिशा प्राप्त होगी ।

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बता दें कि किरारी  निसान केमिकल कॉरपोरेशन, जापान का शोध उत्पाद है वही निसोडियम  यह निप्पॉन सोडा कंपनी, जापान द्वारा खोजा गया उत्पाद है । किरारी में डाउनी मिल्ड्यू को नियंत्रित करने के लिए अमिसुलब्रोम सक्रिय तत्व है । डाउनी मिल्ड्यू अंगूर का सबसे ज्यादा घातक रोग है। इस पर विजय प्राप्त करने के लिए प्रतिबंधात्मक व रोग निवारक दोनों ही क्रियाओ की विशेषताओं  वाला किरारी अब बाजार में उपलब्ध हो गया है ।किरारी ऊमिसेट्स ( Oomycetes ) समूह के हर प्रकार के फफूंदी जनित रोगों को उसकी सभी अवस्थाओं में नियंत्रित करता है ।

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प्रति एकड़ 150 मिलीलीटर किरारी का छिड़काव करके किसान इस बीमारी से निजात पा सकते हैं ।निसोडियम में पाउडरी मिल्ड्यू को नियंत्रित करने के लिए  साइफ्लूफेनॉमिड सक्रिय तत्व है । इन नए उत्पादों में अंगूर की फसल पर आक्रमण करने वाली बीमारियों को प्रतिबंध और रोग निवारण प्रक्रिया से नियंत्रित करने का सामर्थ्य है ।निसोडियम  में पंच क्रियाओं  सशक्त भेदक क्रिया ,प्रतिबंध और रोग निवारण प्रक्रिया , वाष्प प्रक्रिया ,सतह भेदक क्रिया और अवशिष्ट क्रिया से  एस्कोमाइसेट्स (Ascomycetes ) समूह की सभी प्रकार की फफूंद जनित बीमारियों की सभी अवस्थाओं का सफलतापूर्वक नियंत्रण होता है ।इन दोनों उत्पादों का वर्गीकरण नीले तिकोन निशान में होने से  पर्यावरण सुरक्षितता के परिचायक भी हैं.