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किसानों की सफलता की कहानी (Farmer Success Story)

चित्तोड़ा ने चौंकाया, 450 क्विंटल/हेक्टेयर आलू का उत्पादन

भारत पटेल ने बढ़ाया आत्म निर्भर भारत की ओर कदम

  • (शैलेष ठाकुर,देपालपुर) 

7 मार्च 2022,  चित्तोड़ा ने चौंकाया, 450 क्विंटल/हेक्टेयर आलू का उत्पादन – इंदौर जिले की देपालपुर तहसील के ग्राम चित्तोड़ा के उन्नत कृषक श्री भारत पिता सूरत सिंह पटेल ने इस सीजन में एक हेक्टेयर में 450 क्विंटल से भी अधिक आलू का उत्पादन कर सभी को चौंका दिया है। बता दें कि क्षेत्र में आलू का औसत उत्पादन 240 -300 क्विंटल / हेक्टेयर होता है ,लेकिन श्री पटेल ने अपनी मेहनत के साथ नई तकनीक का इस्तेमाल कर उत्पादन का जो नया कीर्तिमान बनाया है, वह प्रशंसनीय है। इससे आलू उत्पादक किसानों में भी अधिक उत्पादन की प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी,जो अंतत: किसानो के लिए लाभदायक सिद्ध होगी।

श्री भारत पटेल ने कृषक जगत को बताया कि इस सीजन में 9 हेक्टेयर में आलू की बुवाई की थी। इसके अलावा प्याज़, लहसुन और गेहूं भी बोया है। बेहतर फसल के लिए अच्छे बीजों का चयन बहुत ज़रूरी है। उन्होंने ग्वालियर और मेरठ के आलू अनुसंधान केंद्र से आलू के ब्रीडर बीज बुलाए थे। ज्योति कुफरी के अलावा अन्य 5 -6 किस्में भी लगाई थी। आलू का औसत उत्पादन 240 से 300 किवंटल/ हेक्टेयर होता है, लेकिन श्री पटेल ने 400 -450 क्विंटल /हेक्टेयर का औसत उत्पादन लेकर किसानों के अलावा उद्यानिकी अधिकारियों को भी चौंका दिया है। श्री पटेल को उद्यानिकी विभाग से प्रधानमंत्री सिंचाई योजना के तहत स्प्रिंकलर के लिए 40 प्रतिशत अनुदान मिला था। इस बेहतर उत्पादन में स्प्रिंकलर का भी बड़ा योगदान है। ज्योति कुफरी किस्म का उत्पादन सर्वाधिक मिला है। पटेल ने कहा कि हमारी मालवा की मिट्टी और जलवायु आलू की फसल के लिये बहुत ही उपयुक्त है। अगर किसान भाई सही तकनीक और वैज्ञानिक विधि से खेती करेंगे तो हम पंजाब और यूपी से भी अच्छी गुणवत्ता ओर अधिक उत्पादन देने वाला आलू उत्पादित कर सकेंगे।

श्री पटेल ने कहा कि गत दिनों श्री टीएस वास्केल, उपसंचालक उद्यानिकी, इंदौर ने अपने अमले के साथ खेत का मुआयना कर आलू की फसल का निरीक्षण किया था। श्री वास्केल ने कहा कि जहाँ आमतौर पर प्रदेश के आलू उत्पादक किसान 60 से 70 क्विंटल / बीघा ( हेक्टेयर में 240 से 300 किवंटल का औसत उत्पादन लेते हैं, परन्तु श्री पटेल द्वारा आधुनिक तकनीक,सरकारी मदद ओर अपनी मेहनत से 9 हेक्टेयर में 400 से 450 किवंटल हेक्टेयर से ज्यादा का उत्पादन लिया जा रहा है।

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टीम द्वारा करीब दो से तीन बार खेत के अलग -अलग हिस्सों में जाकर आलू के उत्पाद का लेखा -जोखा किया। गणना के बाद उत्पादन का जो यह आंकड़ा (400 से 450 किवंटल /हेक्टेयर )देखकर विभागीय टीम भी आश्चर्यचकित रह गई। आलू के आकार के साथ गुणवत्ता भी अच्छी है। किसान के सामने मूल्य संवर्धन का अच्छा मौका है। इंदौर जिले में एक जिला एक उत्पाद में चयनित आलू फसल से किसान आत्म निर्भर बन सकेंगे। बता दें कि श्री भारत पटेल कृषि में हमेशा कुछ न कुछ नवाचार करते रहते हैं। 2017 में इन्हें सोयाबीन में श्रेष्ठ उत्पादन के लिये मध्यप्रदेश सरकार द्वारा सम्मानित किया गया था।

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