फसल की खेती (Crop Cultivation)

धान की नर्सरी में खरपतवार प्रबंधन: शुरुआती नियंत्रण से मिलेगी स्वस्थ पौध

07 अगस्त 2026, नई दिल्ली: धान की नर्सरी में खरपतवार प्रबंधन: शुरुआती नियंत्रण से मिलेगी स्वस्थ पौध –

नर्सरी में खरपतवार क्यों हैं चुनौती

धान की नर्सरी में खरपतवार पौधों से पोषक तत्व, नमी और प्रकाश के लिए प्रतिस्पर्धा करते हैं। यदि शुरुआती अवस्था में इनका नियंत्रण नहीं किया जाए तो पौध कमजोर रह जाती है और रोपाई के बाद उसका विकास भी प्रभावित हो सकता है।

आईसीएआर-सीआरआरआई ने नर्सरी में समय पर खरपतवार नियंत्रण को स्वस्थ पौध उत्पादन के लिए आवश्यक बताया है।

शुरुआती अवस्था में करें शाकनाशी का प्रयोग

संस्थान के अनुसार बुवाई के 3–5 दिन बाद पाइराजोसल्फ्यूरॉन-एथिल तथा खरपतवारों की 2–3 पत्ती अवस्था में बिसपायरीबैक सोडियम 10% एससी का प्रयोग प्रभावी पाया गया है। शाकनाशी का प्रयोग अनुशंसित मात्रा और सही समय पर करना आवश्यक है।

स्वस्थ पौध के लिए नियमित निगरानी जरूरी

खरपतवार नियंत्रण के साथ-साथ नर्सरी का नियमित निरीक्षण भी जरूरी है ताकि यदि दोबारा खरपतवार उभरें तो समय रहते उनका प्रबंधन किया जा सके।

आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture