मानसून में फसल बचाने के उपाय

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8 अगस्त 2022, भोपाल ।  मानसून में फसल बचाने के उपाय किसान और उनकी फसल दोनों ही बहुत खुशहाल हंै क्योंकि देश में मानसून के आगमन से मौसम बेहद सुहाना हो गया है। लेकिन क्या आप जानते हैं मानसून की बारिश कुछ फसलों के लिए बेहद अच्छी मानी जाती है, तो कुछ बागवानी फसलों पर इसका बेहद बुरा असर देखने को भी मिलता है।
आपको बता दें कि, हमारे देश में खेती ज्यादातर मौसम पर निर्भर करती है। आज हम आपको कृषि विशेषज्ञ की कुछ सावधानियों के बारे में बताएंगे। जिससे आप बारिश के मौसम में भी अपनी फसल से अधिक मुनाफा प्राप्त कर सकते हैं, तो आइए जानते हैं-

फसल बचाने के उपाय
  • अगर बारिश से आपके पौधों को स्वस्थ और तंदुरूस्त रखना चाहते हों तो पहले फसल में प्लास्टिक मल्चिंग करना बहुत ही जरुरी रहता है।
  • बारिश के मौसम में खेती (farming in season) से अधिक पैदावार प्राप्त करने के लिए किसानों को खेत में बारिश के जलभराव को रोकना बेहद जरूरी होता है। इसके बचाव के लिए खेत के बीच में गहरी नालियां बनाएं। ताकि बारिश का पानी खेत से बाहर निकल जाए।
  • मानसून के समय कृषि विशेषज्ञ (Agricultural specialist) फसलों की नर्सरी के लिए जरूरी सलाह भी जारी करते रहते हैं। जिससे आप अपनी फसल को भी बचा सकते हैं।
  • फल और सब्जियों की फसल को हमेशा मौसम के अनुसार ही बोएं। जिन फसलों को अधिक पानी की जरूरत होती है। उन्हें मानसून के मौसम में लगाएं।
  • समय-समय पर फसलों पर जैविक कीटनाशक का छिडक़ाव जरूर करें। किसानों को विशेषज्ञों की सलाह के मुताबिक इस समय रसायनिक कीटनाशक और फफूंदीनाशक का उपयोग करें। अक्सर देखा गया है कि मानसून के समय फसल पर सफेद मक्खी, थ्रिप्स, का प्रकोप सबसे अधिक देखने को मिलता है। यह फसल की वृद्धि को रोकती है। इसके बचाव के लिए किसानों को पहला छिडक़ाव नीम तेल, केस्टर तेल, ब्यूवेरिया बासियाना को पानी में अच्छे से घोलकर छिडक़ाव करें।
  • अगर किसान को ये छिडक़ाव करने से नियंत्रण ना मिले तो अपना (ETL) लेवल क्रॉस करें जिसके अनुसार कीटनाशी दवाइयां जैसे कि इमिडाक्लोप्रिड 17.8 एसएल, थायोमिथोक्सम 25 प्रतिशत डब्ल्यूजी का प्रयोग कर सकते हैं और अच्छा परिणाम ले सकते हैं।
  • फसल पर अधिक बारिश होने से फफूंद और विषाणु जैसे रोग लगने की संभावना भी बनी रहती है। यह रोग पानी और हवा के जरिए अधिक तेजी से फैलता है।
    अधिक जानकारी के लिए टोल फ्री नंबर 1800 8896978,
    एग्रोनॉमिस्ट टीम
    ग्रोइट इंडिया प्राइवेट लि. सूरत, गुजरात

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