Soybean Fertilizer: सोयाबीन में कितना डालें यूरिया, DAP और SSP? वैज्ञानिकों ने बताई पूरी मात्रा
09 जुलाई 2026, नई दिल्ली: Soybean Fertilizer: सोयाबीन में कितना डालें यूरिया, DAP और SSP? वैज्ञानिकों ने बताई पूरी मात्रा – खरीफ सीजन में सोयाबीन की अच्छी पैदावार के लिए संतुलित पोषण बेहद जरूरी है। भारतीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान (ICAR-IISR) ने 6 से 12 जुलाई 2026 की साप्ताहिक एडवाइजरी में किसानों को सोयाबीन की बुवाई के दौरान उर्वरकों के संतुलित उपयोग की सलाह दी है। वैज्ञानिकों के अनुसार, सही मात्रा में यूरिया, डीएपी, सिंगल सुपर फॉस्फेट (SSP) और म्यूरेट ऑफ पोटाश (MOP) का उपयोग करने से फसल की शुरुआती बढ़वार बेहतर होती है और उत्पादन पर सकारात्मक असर पड़ता है।
25:60:40:20 NPKS की मात्रा रखने की सलाह
वैज्ञानिकों के अनुसार, मध्य क्षेत्र में सोयाबीन की फसल के लिए 25:60:40:20 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर (नाइट्रोजन : फास्फोरस : पोटाश : सल्फर) पोषक तत्वों की मात्रा उपयुक्त मानी गई है। इस आवश्यकता को पूरा करने के लिए किसान अपनी सुविधा के अनुसार निम्न विकल्पों में से किसी एक का चयन कर सकते हैं।
ये हैं उर्वरकों के विकल्प
पहला विकल्प
- यूरिया – 56 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर
- सिंगल सुपर फॉस्फेट (SSP) – 375 से 400 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर
- म्यूरेट ऑफ पोटाश (MOP) – 67 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर
दूसरा विकल्प
- डीएपी (DAP) – 140 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर
- म्यूरेट ऑफ पोटाश (MOP) – 67 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर
- बेंटोनाइट सल्फर – 25 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर
तीसरा विकल्प
- मिश्रित उर्वरक 12:32:16 – 200 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर
- बेंटोनाइट सल्फर – 25 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर
जिंक और आयरन की कमी होने पर करें यह काम
वैज्ञानिकों ने सलाह दी है कि खेत में आवश्यकता महसूस होने पर 25 किलोग्राम जिंक सल्फेट और 50 किलोग्राम आयरन सल्फेट प्रति हेक्टेयर का भी प्रयोग किया जा सकता है। इससे सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी दूर होगी और पौधों का विकास बेहतर होगा।
जैविक कल्चर अपनाने पर 25% तक घट सकती है उर्वरकों की मात्रा
एडवाइजरी के अनुसार, यदि किसान फफूंदनाशी और कीटनाशी से बीज उपचार करने के बाद जैविक कल्चर-कंसोर्टिया का उपयोग करते हैं, तो रासायनिक उर्वरकों की अनुशंसित मात्रा में करीब 25 प्रतिशत तक कमी की जा सकती है।
ऐसी स्थिति में वैज्ञानिकों ने निम्न मात्रा अपनाने की सलाह दी है-
- 40 किलोग्राम यूरिया + 280 किलोग्राम SSP + 50 किलोग्राम MOP प्रति हेक्टेयर,
- या 100–105 किलोग्राम DAP + 50 किलोग्राम MOP + 25 किलोग्राम बेंटोनाइट सल्फर प्रति हेक्टेयर,
- या 150 किलोग्राम 12:32:16 मिश्रित उर्वरक + 25 किलोग्राम बेंटोनाइट सल्फर प्रति हेक्टेयर।
बुवाई के समय ही करें उर्वरकों का प्रयोग
वैज्ञानिकों ने सलाह दी है कि उर्वरकों का प्रयोग बुवाई से ठीक पहले खेत में समान रूप से बिखेरकर या सीड-कम-फर्टिलाइजर ड्रिल के माध्यम से बुवाई के समय करना अधिक लाभकारी रहता है। इससे पोषक तत्व पौधों को शुरुआती अवस्था से ही उपलब्ध हो जाते हैं और फसल का विकास बेहतर होता है।
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