फसल की खेती (Crop Cultivation)

तरबूज की खेती में महत्वपूर्ण बातें: अधिक उत्पादन और लाभ के लिए पूरी गाइड

09 मई 2026, नई दिल्ली: तरबूज की खेती में महत्वपूर्ण बातें: अधिक उत्पादन और लाभ के लिए पूरी गाइड – तरबूज की खेती में जलवायु, मिट्टी, बीज, उर्वरक और सिंचाई का संतुलित प्रबंधन आवश्यक है। यह फसल गर्म और शुष्क जलवायु में 25–35 डिग्री तापमान पर अच्छी तरह उगती है।

बलुई दोमट मिट्टी और pH 6.0–7.5 उपयुक्त होता है। खेत की तैयारी में 2–3 जुताई और 20–25 टन गोबर की खाद का उपयोग किया जाता है।

बीज दर 2–3 किग्रा प्रति हेक्टेयर होती है और बुवाई जनवरी से मार्च के बीच की जाती है। पौधों की दूरी 0.9 × 1.2 मीटर रखी जाती है।

उर्वरक प्रबंधन में NPK का संतुलित उपयोग और फर्टिगेशन तकनीक अपनाई जाती है। सिंचाई की कुल आवश्यकता 330–350 मिमी होती है।

ड्रिप सिंचाई और मल्चिंग से उत्पादन बढ़ता है। कीट एवं रोग नियंत्रण आवश्यक है।

फसल 75–90 दिनों में तैयार होती है और 250–350 क्विंटल प्रति हेक्टेयर उत्पादन देती है।

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