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फसल की खेती (Crop Cultivation)

कपास में – गुलाबी इल्ली का नियंत्रण

प्रिय किसान भाईयो, गुलाबी इल्ली का नियंत्रण करने के लिये नीचे दिए गए उपायों का उपयोग करें।
गुलाबी इल्ली को कैसे पहचानें?
नीचे दिए गए चित्रों से गुलाबी इल्ली के प्रकोप को पहचानने में मदद मिलेगी।
आर्थिक नुकसान का स्तर कैसे पहचानें?

  • कपास की फसल से रैडम पद्धति से 20 फूलों के नमूने लें और यदि उन 20 नमूनों में से 2 या अधिक फूल मुरझाए हुए हों।
  • कपास की फसल से रैडम पद्धति से 20 डेंडू के नमूने लें और यदि उन 20 नमूनों में से 2 या अधिक डेंडू में गुलाबी इल्ली मिले।
  • इल्लियों की बढ़ती संख्या पर निगाह रखने के लिये खेत में 3 फेरोमेन जाली प्रति एकड़ 50 फुट के अंतर पर लगाएं, इन जालियों में गुलाबी इल्ली के पतंगों की 3 दिन रोजाना की संख्या 8 से अधिक हो तो आर्थिक नुकसान का स्तर पार हो चुका है ऐसा समझना चाहिए।

आर्थिक नुकसान का यह स्तर पता चलने पर नीचे दिए गए कीटनाशक का छिड़काव करें।

  • पहला छिड़काव + साइपरमेथ्रिन 1 मिली/या क्विनालफॉस (25 ईसी) या प्रोफेनोफॉस
  • दूसरा छिड़काव – थायोडिकार्ब (75 डब्ल्यूपी) 1.5-2 ग्राम/ली. (जरूरत लगने पर)
  • तीसरा छिड़काव – इमामेक्टिन बेंजोएट (5 ईसी) 0.4 ग्राम/ली. (जरूरत लगने पर)
    (कपास के कीटनाशकों की वर्तमान सिफारिशों के लिए सी.आई.सी. आर. तथा कृषि विश्वविद्यालय की सलाह का अनुसरण करना चाहिए)

गुलाबी इल्ली का नियंत्रण

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  • खेत को स्वच्छ रखें। गुलाबी इल्ली का लार्वा सूखे या पूरी तरह से नहीं खुले डेंडुओं में और सिकुड़ी पत्तियों में छिप कर रहती हैं। इसीलिए मुरझाए हुए पौधे और सूखे या पूरी तरह से नहीं खुले हुए डेंडुओं को नष्ट करें।
  • जलाने के लिये गुलाबी इल्ली को आश्रय देने वाले खरपतवार, तिनकों या डेंडुओं को जमा करके नहीं रखें।
  • नियमित रूप से गहरी जुताई करने से गुलाबी इल्ली के कोष और लार्वा का नियंत्रण करने में मदद मिलती है।
  • गुलाबी इल्ली के प्रकोप से ग्रस्त कपास के बीजों की जिनिंग करने के बाद नष्ट कर दें क्योंकि ऐसे बीजों में गुलाबी इल्लियां छिपकर बैठी रहती हैं।
  • गुलाबी इल्ली के प्रकोप से ग्रस्त खेत को रोटावेटर से नहीं जोतना चाहिए, क्योंकि गुलाबी इल्ली के कोष फिर से जमीन में चले जाते हैं।
  • कपास का कूड़ा/बची हुई फसल के कारण मौजूद गुलाबी इल्लियों को आगे वृद्धि करने में मदद मिलती है, समय पर फसल को समाप्त करना और खेत में स्वच्छता का उपाय करने से गुलाबी इल्ली की संख्या आगामी मौसम में कम होने में मदद मिलती है।

कपास के बीजों के पैकेट में मिले 120 ग्राम नॉन बीटी के बीजों (रेफ्यूज) को लगाये। गुलाबी इल्ली की प्रतिरोधक क्षमता को नियंत्रित करने हेतु इसका उपयोग जरूरी है और वर्तमान टेक्नालॉजी को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सके।
अधिक जानकारी के लिये टोल फ्री नं. 1800 -180-1551 पर संपर्क करें।
स्त्रोत – मध्यप्रदेश शासन – किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग

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