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फसल की खेती (Crop Cultivation)

सोयाबीन में खरपतवार से बचाव के लिए ICAR की सलाह, 10 दिन बाद करें ये जरूरी काम

29 जुलाई 2026, नई दिल्ली: सोयाबीन में खरपतवार से बचाव के लिए ICAR की सलाह, 10 दिन बाद करें ये जरूरी काम – भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के अधीन राष्ट्रीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान (ICAR-National Soybean Research Institute), इंदौर ने 29 जून से 5 जुलाई 2026 के लिए साप्ताहिक एडवाइजरी जारी करते हुए सोयाबीन उत्पादक किसानों को खरपतवार प्रबंधन को लेकर महत्वपूर्ण सलाह दी है। संस्थान के अनुसार, सोयाबीन की बुवाई के शुरुआती दिनों में खरपतवारों का प्रभाव फसल की बढ़वार और उत्पादन पर सीधा असर डालता है। ऐसे में जिन किसानों की फसल 10 दिन की हो चुकी है और जिन्होंने अभी तक किसी भी प्रकार के खरपतवार नाशक का उपयोग नहीं किया है, वे समय रहते खरपतवार नियंत्रण के उपाय अपनाएं।

10 दिन बाद करें खरपतवार नियंत्रण

संस्थान ने सलाह दी है कि किसान सोयाबीन की बुवाई के लगभग 10 दिन बाद खेत का निरीक्षण करें। यदि पहले से प्री-प्लांट या प्री-इमर्जेंस खरपतवारनाशी का उपयोग नहीं किया गया है तो खरपतवार नियंत्रण के लिए हाथ से निंदाई, डोरा या कुल्पा चलाने जैसी यांत्रिक विधियों का उपयोग करें। आवश्यकता होने पर सोयाबीन के लिए अनुशंसित पोस्ट-इमर्जेंस खरपतवारनाशकों का छिड़काव भी किया जा सकता है।

छिड़काव के दौरान रखें इन बातों का ध्यान

आईसीएआर-एनएसआरआई ने कहा है कि खरपतवारनाशकों का प्रभाव बेहतर बनाने के लिए पर्याप्त पानी का उपयोग करना जरूरी है। नैपसैक स्प्रेयर से प्रति हेक्टेयर 450 से 500 लीटर तथा पावर स्प्रेयर से 120 से 150 लीटर पानी का उपयोग करें। इसके साथ ही खड़ी फसल में छिड़काव के लिए फ्लड जेट या फ्लैट फैन नोजल का उपयोग करने की सलाह दी गई है, जिससे दवा का समान वितरण हो और खरपतवारों पर बेहतर नियंत्रण मिल सके।

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कमजोर अंकुरण होने पर करें गैप फिलिंग

संस्थान ने बताया कि जिन खेतों में सोयाबीन का अंकुरण कमजोर हुआ है या पौधों की संख्या कम है, वहां किसान आवश्यकता अनुसार दोबारा बुवाई करें या खाली स्थानों पर बीज डालकर गैप फिलिंग करें। इससे खेत में पौधों की उचित संख्या बनी रहेगी और उत्पादन प्रभावित नहीं होगा।

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नालियां बनाने की भी सलाह

जिन किसानों ने परंपरागत सीड ड्रिल से बुवाई की है, उन्हें हर 6 या 9 कतारों के बाद नालियां बनाने की सलाह दी गई है। इससे अधिक वर्षा होने पर अतिरिक्त पानी की निकासी आसान होगी, वहीं लंबे सूखे की स्थिति में मिट्टी में नमी संरक्षण भी बेहतर होगा।

फसल का नियमित निरीक्षण करें किसान

आईसीएआर-एनएसआरआई ने किसानों से अपील की है कि वे बुवाई के बाद नियमित रूप से खेत का निरीक्षण करते रहें। शुरुआती अवस्था में ही खरपतवार नियंत्रण करने से पोषक तत्वों, नमी और धूप के लिए होने वाली प्रतिस्पर्धा कम होती है, जिससे सोयाबीन की बढ़वार बेहतर होती है और उत्पादन में वृद्धि की संभावना रहती है।

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