ब्रोकली की खेती कैसे करें? यहां जानें बीज से लेकर कटाई तक पूरी कृषि गाइड
30 अप्रैल 2026, नई दिल्ली: ब्रोकली की खेती कैसे करें? यहां जानें बीज से लेकर कटाई तक पूरी कृषि गाइड – ब्रोकली एक विदेशी सब्जी है जिसका उपयोग मुख्य रूप से सलाद और सूप में किया जाता है। भारत में भी अब इसकी खेती बढ़ने लगी है। बदलते खानपान और हेल्दी फूड की मांग के कारण ब्रोकली किसानों के लिए एक लाभकारी फसल बनती जा रही है। इसे अपनाकर किसान सलाद, सब्जी और रायता के रूप में अच्छा उत्पादन लेकर लाभ कमा सकते हैं।
ब्रोकली की किस्में
ब्रोकली मुख्य रूप से हरी, सफेद और बैंगनी होती है, जिनमें हरी ब्रोकली सबसे अधिक प्रचलित है। इसकी अगेती, मध्यम और देरी से तैयार होने वाली कई उन्नत किस्में उपलब्ध हैं जैसे—डी निबको, ग्रीन बड, स्पार्टन अर्ली, ग्रीन स्प्राउटिंग और लेट स्प्राउटिंग।
मिट्टी और जलवायु
ब्रोकली की खेती के लिए रेतीली दोमट मिट्टी सबसे उपयुक्त होती है, जिसमें अच्छी मात्रा में जीवांश (organic matter) हो। भारी मिट्टी में इसका उत्पादन अच्छा नहीं होता। इसका उपयुक्त समय अक्टूबर से नवंबर माना जाता है।
नर्सरी और बीज
ब्रोकली की खेती के लिए पहले नर्सरी में पौध तैयार की जाती है। अक्टूबर में नर्सरी लगाकर पौधे तैयार किए जाते हैं। एक हेक्टेयर क्षेत्र के लिए 400 से 500 ग्राम बीज पर्याप्त होता है।
रोपाई की विधि
जब पौधे तैयार हो जाएं, तो उन्हें मुख्य खेत में रोपा जाता है। रोपाई के समय कतार से कतार 45 सेमी और पौध से पौध 30 सेमी दूरी रखनी चाहिए ताकि पौधों को उचित विकास के लिए जगह मिल सके।
खाद और उर्वरक
ब्रोकली की अच्छी पैदावार के लिए संतुलित खाद देना जरूरी है। प्रति हेक्टेयर भूमि में लगभग- 260 किलो यूरिया, 375 किलो सिंगल सुपर फॉस्फेट, 130 किलो म्यूरेट ऑफ पोटाश का प्रयोग किया जाता है, जिससे पौधों की वृद्धि और फूलों का विकास बेहतर होता है।
सिंचाई और देखभाल
ब्रोकली की फसल में नियमित सिंचाई की आवश्यकता होती है। मिट्टी में नमी बनाए रखना जरूरी है, लेकिन पानी का जमाव नहीं होना चाहिए। सही देखभाल और खरपतवार नियंत्रण से फसल स्वस्थ रहती है।
कटाई
रोपाई के लगभग 70 से 75 दिनों बाद ब्रोकली की कटाई शुरू की जा सकती है। ध्यान रहे कि कटाई फूल बनने से पहले ही कर लेनी चाहिए, जिससे इसकी गुणवत्ता और बाजार मूल्य बेहतर मिलता है।
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