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फसल की खेती (Crop Cultivation)

कोरोमंडल के उर्वरक ग्रोप्लस की विशेषतांए एंव फायदे

13 अप्रैल 2023, भोपाल: कोरोमंडल के उर्वरक ग्रोप्लस की विशेषतांए एंव फायदे – कोरोमंडल का उर्वरक ग्रोप्लसप्रगतिशील किसान की पसंद है जो न केवल अधिक बीज, फूल और फल उगने में मदद करता है बल्कि मिट्टी को बेहतर बनाने के लिए भी काम करता है। इसका पैक आकार 50 किलो का होता हैं।

कोरोमंडल के उर्वरक ग्रोप्लस की विशेषतांए-

i.       इसमें 16% फॉस्फेट, 11% सल्फर, 19% कैल्शियम, 0.5% जिंक, 0.2% बोरोन होता है।

ii.     16% में से 14.5% पानी में घुलनशील फॉस्फोरस है, प्री फॉस्फोरिक एसिड की अधिकतम मात्रा 4% है। सल्फेट सल्फर (S के रूप में) न्यूनतम 11% मौजूद होता है।

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कोरोमंडल के उर्वरक ग्रोप्लस के फायदे-

i.       जड़ों को मजबूत करता है और फसल के समग्र विकास को तेज करता है।

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ii.     पौधे के तने और वानस्पतिक विकास में मदद करता है और पौधे के विकास में सुधार करता है। अधिक बीज, फूल और फल उगाने में मदद करता है। फसल को हरा और स्वस्थ रखता है।

iii.  पौधे को पाले और बीमारियों से लड़ने की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है।

iv.  तिलहन में तेल की मात्रा और उपज की गुणवत्ता; बीज की गुणवत्ता और बालियों

v.     इसमें मौजूद सूक्ष्म पोषक, पौधे को बेहतर पोषण प्रदान करते है। यह मिटटी के लिए कंडीशनर के रूप में काम करता है जिसका मिटटी के PH पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता, जिसके परिणामस्वरूप मिटटी के स्वास्थ्य पर बेहतर प्रभाव पड़ता है।

कोरोमंडल के उर्वरक ग्रोप्लस के उपयोग की मात्रा (किलो प्रति एकड़)

i.       धान, दाल: 100-150 किलो, सोयाबीन, सरसों, मूंगफली, मक्का, कपास, गेहूं और सब्जियां: 150-200 किलो, गन्ना, प्याज, लहसुन, मिर्च और आलू: 200-250 किलो।

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